फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ganesh Chaturthi 2022:  आज घर-घर विराजेंगे गजानन, दस दिन चलेगा उत्सव, कई स्थानों पर सजेंगी झांकियां

Wed, 31 Aug 2022 12:24 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

विघ्नहर्ता मंगल कर्ता गणपति के लिए दरबार सज गए हैं। आज शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में पंडालों और घरों में मूर्तियां स्थापित होंगी। वहीं, सेवा और धार्मिक समितियों की ओर से गणेशोत्सव का आयोजन होगा, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
विज्ञापन
गणेश उत्सव के शुभकामना संदेश - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में गणेश चतुर्थी को लेकर मंगलवार से ही धूम दिखने लगी। देर शाम तक पंडालों में गजानन को लाया गया। ढोल की थाप पर पूरे उत्साह के साथ कार्यकर्ताओं ने गजानन का स्वागत किया। जगह-जगह पंडालों में रात से ही गणेश चतुर्थी की धूम शुरू हो गई।

विज्ञापन

बुधवार को पूरे विधि विधान के साथ गजानन की पूजा अर्चना कर उन्हें स्थापित किया जाएगा। कई जगहों पर रोजाना विभिन्न प्रकार की बच्चों की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। पूरे शहर में लगभग 500 से अधिक जगहों पर पंडालों में गजानन विराजमान होंगे। रोज शाम पंडालों में गजानन की जय जय कार की जाएगी।
कहीं भजन संध्या का आयोजन होगा तो कहीं जादूगर अपने जादू से बच्चों को आकर्षित करेगा। ब्रह्म नगर चौराहे पर आयोजित लंबोदर उत्सव में बच्चों की फैशन प्रतियोगिता समेत कई आयोजन किए जाएंगे। गोविंद नगर में सात फीट के गजानन विराजमान किए गए। यहां पर 11वें दिन गजानन की 501 दीपों से आरती उतारी जाएगी।

विज्ञापन

गणेश उत्सव के शुभकामना संदेश - फोटो : amar ujala
सज गए पंडाल, आज विराजमान होगें गणपति बप्पा
साउथ में कोविड महामारी के बाद इस वर्ष गणेश महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा। पराग डेरी से दीप तिराहा के बीच गणपति बप्पा की मूर्ति की खरीदारी हुई। दिनभर सडक में चहलपहल बनी रही। पंडाल सज गए। पंडाल और घर गाजबाजे के साथ भक्त मूर्तियां घर ले गए। बुधवार से 10 दिन के लिए पंडाल में गणेश महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा।

गणेश उत्सव के शुभकामना संदेश - फोटो : amar ujala
कमेटी अध्यक्ष चंद्रधर सिंह ने बताया कि बाबूपुरवा में पैराडाइस ग्रुप श्री सेतुबंध मंदिर में 8 वां गणेश उत्सव मनाया जाएगा। बुधवार सुबह मिट्टी की सात फिट की मूर्ति की स्थापना होगी। रोजाना अलग अलग कार्यक्रम भी होंगे। बर्रा विश्व बैंक जे ब्लॉक पार्क में जन अधिकार एसोसिएशन की ओर से 18 वां गणेश महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। समिति अध्यक्ष सुरेश त्रिपाठी कल से 5 अगस्त तक महोत्सव मनाया जाएगा।7 सितंबर को भंडारा होगा। मेधावियों को सम्मानित भी किया जाएगा।

गणेश उत्सव के शुभकामना संदेश - फोटो : amar ujala
आज विराजेंगे गणपति महाराज, बनाएंगे सबके काज
बाबा श्री आनंदेश्वर सामाजिक समिति के कोषाध्यक्ष कपिल तिवारी जी ने बताया कि गणेश उत्सव की तैयारियां पूरी हो गई है। समिति की ओर से आयोजित श्री गणेश महोत्सव में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा सुबह नौ बजे से आचार्य गण वैदिक रीति नीति से कराएंगे। उत्सव में कार्यक्रमों के साथ बच्चों के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। साथ ही 10 दिवसीय उत्सव में भजन सांध्या, सुंदरकांड, डांस प्रतियोगिता, डांडिया प्रतियोगिता, भंडारा और महाआरती जैसे कार्यक्रम आयोजित होंगे।

गणेश उत्सव के शुभकामना संदेश - फोटो : amar ujala
सात लाख के चांदी के रथ में निकलेंगे गणपति
निराला नगर निवासी अतुल अवस्थी ने गणपति बप्पा के लिए चांदी का रथ बनवाया है। इस रथ की कीमत सात लाख रुपये बताई जा रही है। काकादेव में कोचिंग चलाने वाले अतुल अवस्थी नेे बताया कि वे 22 साल से गणेश महोत्सव में मुंबई से बप्पा की प्रतिमा लाकर स्थापित करते हैं। इस साल उन्हीं की कृपा से रथ बनवाया है। बुधवार को दीप टाकीज तिराहे से इसी रथ पर बप्पा विराजमान होंगे। रथ को चार घोड़े खींचेंगे। रथयात्रा निकालने के बाद घर में बप्पा की स्थापना की जाएगी।

गणेश उत्सव के शुभकामना संदेश - फोटो : amar ujala
400 वर्ष पुराना है बिठूर का गणेश मंदिर
बिठूर का गणेश मंदिर इतिहास आदि काल से जुड़ा हुआ है। यह मंदिर लगभग 400 वर्ष पुराना है। मंदिर गंगा जी के तट पर लवकुश नगर में स्थित है। मंदिर में गणेश जी का मुख पूर्व दिशा की ओर है। सूर्य और चंद्रमा की प्रथम किरण सीधे गणेश भगवान की मूर्ति के ऊपर पड़ती है। सिद्ध विनायक होने के नाते गणेश भगवान के ऊपर सिंदूर चढ़ाया जाता है।
विज्ञापन

गणेश उत्सव के शुभकामना संदेश - फोटो : amar ujala
यहां दिन भर भक्तों का ताता लगा रहता है। मंदिर में मोदक का भोग और दूब घास चढ़ाया जाता है। पुजारी प्रकाश टाकिलेकर ने बताया एक बार अंग्रेजी सेना ने मंदिर को तोप से उड़ाना चाहा लेकिन गणेश बप्पा की कृपा से गंगा की बाढ़ से इतनी बालू आ गई कि अंग्रेजों को मंदिर का ही नहीं पता चल सका। गणेश भगवान की म्रूिर्त भी अन्य मूर्तियों से भिन्न है। इनका सूड़ दाहिनी तरफ है और मूसक पर सवार हैं, ऐसी मूर्ति बहुत ही कम देखने को मिलती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें