जिलाधिकारी ने लेखपाल को किया निलंबित
पूरे प्रकरण में बरती गई लापरवाही की जांच एडीएम प्रशासन को दी है। गांव के लेखपाल सचिन कुमार द्वारा विवाद की रिपोर्ट न देने पर निलंबित किया गया है। कानून गो के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है। पूरे मामले में जो भी लोग दोषी होंगे उनके खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इधर एडीजी आलोक कुमार सिंह ने पामा चौकी से लेकर गजनेर थाने की भूमिका को लेकर एसपी को पूरे मामले की जांच कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए थे।
एडीजी ने बताया कि प्रथमदृष्टया थाना पुलिस की लापरवाही सामने आई है। पीआरवी के जाने के बाद विवाद करने वालों को पकड़ कर पाबंद नहीं किया गया। पामा चौकी व थाने में शिकायत हुई, इसके बाद भी कार्रवाई नहीं की गई। जबकि जिलाधिकारी ने शिकायत मिलने पर थाना प्रभारी व तहसीलदार को मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए थे।
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी नहीं हुआ अमल
देवरिया हत्याकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़े शब्दों में अफसरों को चेताया था कि भूमि विवाद के मामले में लापरवाही बरती गई, तो जिम्मेदार अफसरों पर कड़ी कार्रवाई होगी। इसके बाद शाहजहांपुर निनायां में पिछले 15 दिनों से रामवीर व मोहन लाल शुक्ला के बीच जमीन को लेकर विवाद चलता रहा। दोनों पक्ष अपना अपना तर्क देकर पुलिस व प्रशासन को शिकायत करते रहे। मगर किसी जिम्मेदार ने गंभीरता नहीं बरती। अब पुलिस और प्रशासन जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
देर रात शव पहुंचे, तो मचा कोहराम
कानपुर के हैलट अस्पताल में रामवीर व उसके भाई सत्यनारायण की मौत के बाद देर शाम कानपुर नगर में पोस्टमार्टम हुआ। इस दौरान वहां गजनेर थाने की पुलिस मौजूद रही। देर रात पुलिस शवों को पोस्टमार्टम कराने के बाद गांव लाई तो परिवार व सगे संबंधियों में कोहराम मच गया। गांव में रात में कई थानो का पुलिस बल तैनात रहा। वहीं घायलों के इलाज व उनकी स्थिति के बारे में पुलिस व प्रशासन के अधिकारी जानकारी लेते रहे।