झूठे मुकदमें में फंसाने की धमकी भी दी
इधर मोहन लाल शुक्ला ने 30 सितंबर को आईजीआरएस पर की गई शिकायत में उल्लेख किया है कि 28 सितंबर को रामवीर और सत्यनारायण उसकी जमीन पर कब्जा कर रहे थे। विरोध करने पर गाली गलौज और मारपीट पर अमादा हो गए। झूठे मुकदमें में फंसाने की धमकी भी दी है।
एक माह के अंदर करीब छह बार शिकायतें की गई
इस पर उसने डायल 112 व पामा चौकी को शिकायत की। सुनवाई न होने पर 29 सितंबर को गजनेर पुलिस को शिकायत की। इस बार भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो उसने 30 सितंबर को उच्चाधिकारियों को शिकायत की। इस तरह दोनों पक्षों से एक माह के अंदर करीब छह बार शिकायतें की गई।
लापरवाही पर पीआरवी के एक दारोगा व दो आरक्षी निलंबित
प्लॉट पर पिकअप (लोडर) खड़ा करने को लेकर गुरुवार को हुए विवाद की जानकारी मोहन लाल व रामवीर के परिवार के लोगों ने डायल 112 को दी थी। इसकी जानकारी पर गजनेर थाने की पीआरवी 2686 शाहजहांपुर निनायां पहुंची। पुलिस कर्मी मामले को शांत कराकर लौट आए।
गजनेर थाने की पीआरवी मौके पर गई थी
मगर विवाद की जानकारी उच्चाधिकारियों को नहीं दी। इसके कुछ देर बाद ही मोहन लाल ने हमलाकर रामवीर के परिवार के छह लोगों को मरणासन्न कर दिया और दो की मौत हो गई। एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि दो पक्षों में विवाद की जानकारी पर गजनेर थाने की पीआरवी मौके पर गई थी।
उच्चाधिकारियों को नहीं दी गई सही जानकारी
घटना की सही जांच कर उच्चाधिकारियों को नहीं दी गई। इस पर पीआरवी में तैनात उप निरीक्षक विशुनलाल, आरक्षी ब्रजेंद्र पाल, नरेश प्रजापति की लापरवाही मानते हुए निलंबित किया गया है। गांव में दो पक्षों के बीच चल रहे विवाद को लेकर बरती गई लापरवाही में जो भी जिम्मेदार लोग दोषी होंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।