कानपुर देहात। पराली जलाने पर रोक है। कृषि विभाग ने इसकी निगरानी के लिए 105 कर्मी तैनात किए हैं। इसके बाद भी अकबरपुर, भोगनीपुर व डेरापुर तहसील में 14 किसानों ने पराली जलाई। डीएम ने नाराजगी जताकर संबंधित एसडीएम को किसानों से अर्थ दंड की वसूला करने का निर्देश दिया है।
पराली जलाने से वातावरण प्रदूषित होता है। वहीं भूमि की उर्वरा शक्ति भी प्रभावित होती है। पराली जलाने पर एनजीटी की सख्त है। इसको लेकर कृषि विभाग ने न्याय पंचायत वार 105 कर्मियों की निगरानी के लिए तैनाती की है।
वहीं राजस्व कर्मियों को भी सक्रिय किया गया है। इसके बाद भी 10 नवंबर तक जिले में 14 किसानों ने पराली जलाई। डीएम जेपी सिंह ने बताया कि अकबरपुर में सर्वाधिक 8 किसानों ने पराली जलाई। भोगनीपुर में 5 और डेरापुर में एक किसान ने पराली जलाई है।
एक एकड़ से लेकर चार एकड़ तक पराली जलाई गई है। दो एकड़ से कम पराली जलाने पर ढाई हजार व दो एकड़ से अधिक पराली जलाने पर पांच हजार रुपये जुर्माना वसूली होती है। संबंधित एसडीएम को पराली जलाने वाले किसानों पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए हैं।