कानपुर देहात। बारिश में सिकंदरा व भोगनीपुर तहसील क्षेत्र के 24 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए थे। खेतों में पानी भरने से फसलें नष्ट हो गई थीं। इसका सर्वे कराकर शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी। इस पर शासन की तरफ से बाढ़ प्रभावित 4667 किसानों के खाते में एक करोड़ 68 लाख रुपये भेजे गए हैं।
बारिश के चलते इस वर्ष बाढ़ का प्रकोप काफी बढ़ गया था। यमुना, सेंगुर नदी में बाढ़ आने से भोगनीपुर तहसील के 15 व सिकंदरा के नौ गांव बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित हुए थे। ये गांव नदियों के किनारे स्थित हैं। इससे किसानों की बोई गई फसलें बाढ़ की चपेट में आने से डूब गई थीं। बाढ़ का प्रकोप काफी समय तक रहने से फसलें नष्ट हो गई थीं।
महंगाई के दौर में लागत व कड़ी मेहनत से तैयार फसलें खराब होने से किसानों को भारी नुकसान हुआ था। डीएम ने लेखपाल, बीमा कंपनी व कृषि विभाग की टीम से खराब फसलों का त्रिस्तरीय सत्यापन कराया था। तीनों टीमों की आकलन रिपोर्ट तैयार कर डीएम के पास भेजी गई।
इसमें सिकंदरा व भोगनीपुर के मिलाकर कुल 24 गांव में 4667 किसानों का नुकसान पाया गया। सिंचित भूमि में फसल के नुकसान पर 13500 रुपये प्रति हेक्टेयर व असिंचित भूमि पर नुकसान में 6500 रुपये प्रति हेक्टेेयर मुआवजा दिए जाने का मानक है।
इसी के अनुसार ने सरकार ने किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए एक करोड़ 68 लाख रुपये जारी किए हैं। ये राशि शुक्रवार को किसानों के खाते में भेज दी गई। इससे किसानों को रबी की बुआई में काफी मदद मिल जाएगी।
बाढ़ प्रभावित गांवों के किसानों के नुकसान का आकलन कराया गया था। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। क्षति के आकलन के अनुसार एक करोड़ 68 लाख रुपये की सहायता राशि किसानों के खाते में भेज दी गई है। - जितेंद्र प्रताप सिंह, डीएम