अॉल इंडिया सुन्नी उलमा काउंसिल और अॉल इंडिया मुस्लिम ख्वातीन बोर्ड की ओर से जारी मॉडल निकाहनामा का प्रारूप उर्दू के साथ हिंदी और अंग्रेजी में भी होगा। सुन्नी समुदाय के लिए बने निकाहनामा में ऐसा पहली बार हो रहा है।
अभी तक निकाहनामा उर्दू में ही होता रहा है। शिया समुदाय ने सबसे पहले निकाहनामा का प्रारूप अंग्रेजी में भी जारी किया था। इसके साथ ही काउंसिल के निकाहनामा के एक प्रावधान को दुरुस्त किया गया है।
इसमें वर तीन तलाक न देने और वधू तीन तलाक न लेने की भी शपथ लेंगे और अगर गुस्से में तीन तलाक मुंह से निकलता है तो उसे एक तलाक माना जाएगा।