यूपी के इटावा जिले में दस हजार रुपये की खातिर पड़ोसी युवक ने सात साल के मासूम को अगवा कर पानी में डूबाकर मार डाला और उसकी लाश खेत में दबा दी। मंगलवार को पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो सारा मामला सामने आया। मंगलवार शाम पुलिस ने खेत से मासूम का शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। युवक का मासूम के पिता से दस हजार रुपये का लेनदेन था।
पक्कड़पुरा में रहने वाले मजदूर संतोष शंखवार की मोहल्ले के विमलेश पुत्र रामनाथ से दोस्ती थी। दोनों एक साथ मजदूरी करते थे। कुछ समय पहले संतोष ने विमलेश से दस हजार रुपये उधार लिए थे। जिसको चुकता नहीं करने पर विमलेश ने रुपये देने के लिए दबाव बनाया। सोमवार को विमलेश ने संतोष शंखवार की पत्नी से फोन करके दस हजार रुपये वापस करने की मांग की थी। पैसा नहीं देने पर उसके इकलौते सात वर्षीय बेटे आदित्य शंखवार की हत्या करने की धमकी दी थी। इसके बाद से आदित्य लापता हो गया। पिता संतोष ने बताया कि सोमवार को आदित्य एक तेरहवीं में गया था। उसके बाद शोभायात्रा को देखने के लिए खड़ा हो गया। उसके बाद सेे आदित्य को किसी ने नहीं देखा।
घरवालों ने खोजबीन की और पुलिस को जानकारी दी। ग्रामीणों से पूछताछ में पता चला कि आदित्य को विमलेश के साथ देखा था। पुलिस ने विमलेश को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने आदित्य की हत्या की बात कबूलते हुए शव को भावलपुर गांव के समीप पदम सिंह के खेत दबाने की बात कही। आनन-फानन में पुलिस ने डॉग स्क्वॉड के साथ घटनास्थल पर पहुंची और शव को खेत से बाहर निकाला।
सीओ एसएन वैभव पांडेय ने बताया कि विमलेश शराब का लती है। उसका रुपयों को लेकर संतोष से विवाद हो गया था। इसका बदला लेने का विमलेश ने यह वारदात की। सैफई चौराहा के पास विमलेश को संतोष का बेटा आदित्य मिल गया। जिसे बहला-फुसलाकर गांव से दूर पदम सिंह के खेत पर ले गया। यहां एक पानी भरे गड्ढे में आदित्य की डूबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को खेत की मिट्टी में दबा दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पीड़ित पिता की तहरीर पर विमलेश के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है।