चौबेपुर (कानपुर)। क्षेत्र में जंगली सूअरों के आतंक से किसान परेशान हैं। फसलों को बचाने के लिए किसान रात-रात जागकर रखवाली कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि समय रहते समस्या पर ध्यान न दिया गया तो हालात और ज्यादा खराब हो जाएंगे।
आवारा पशु दिनोंदिन किसानों के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं। आवारा पशुओं को फसल से बचाने के लिए किसान उपाय कर रहे हैं, बावजूद इसके उनकी समस्या कम होती नजर नहीं आ रही। गोवंश के अलावा जंगली सूअर किसानों के लिए मुसीबत बने हैं।
क्षेत्र के दो दर्जन गंगा तटवर्टी गांवों के किसान जंगली सूअरों से फसल को बचाने के लिए खेतों पर पहरा देने को विवश हैं। क्षेत्र के गढ़ेवा, जिंदापुरवा, रिक्खीपुरवा, चौधरीपुर, आलमपुर, बूढनपुर, रामपुर किशोर, दरियापुर, जरारी, इंदलपुर, तरी, दुर्गापुर बेहटा, खरगपुर, गुरैया, बदनपुर, सुनौढ़ा आदि गांव के किसान शिवशंकर वर्मा, उमेश पाल, सूरज सिंह, कुंवर सिंह, अजय पाल आदि ने बताया कि ज्यादातर किसानों ने खेतों के चारों ओर तारों की बैरीकेडिंग कराई है, कटीले तार लगने से बड़े पशुओं पर तो फसल का बचाव हो रहा है पर जंगली सूअरों का खेतों में घुसना बंद नहीं है।
थोड़ी सी जगह मिलते ही सूअरों का झुंड फसल को बर्बाद कर देता है। जंगली पशु रात के समय खेतों पर धावा बोलते हैं, मजबूरी वश किसानों को रातभर रखवाली करनी पड़ रही है।