कानपुर देहात। समूह की महिलाओं को वित्तीय साक्षर बनाने के लिए 36 एफएलसीआरपी को तैनात किया गया है। यह ग्राम पंचायत स्तर पर भ्रमण कर महिलाओं को वित्तीय जानकारी उपलब्ध करा रही हैं। इसके लिए इन्हें मानदेय मिल रहा है।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में नौ हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे जुड़ी करीब एक लाख से अधिक महिलाएं स्वयं का कारोबार कर आमदनी कर आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रही हैं। कई महिलाओं को वित्तीय जानकारी न होने की वजह से उन्हें कारोबार को आगे बढ़ाने में समस्या आ रही है। एनआरएलएम विभाग ने इसके लिए 36 एफएलसीआरपी (वित्तीय साक्षरता कम्यूनिटी रिसोर्स पर्सन) को प्रशिक्षित कर तैनात किया गया है।
जिला मिशन प्रबंधक बृजेश गौतम ने बताया कि इन्हें महीने में नौ दिन कार्य करते हुए महिलाओं को शासन से मिलने वाली वित्तीय सहायता के साथ वित्तीय जानकारी उपलब्ध करानी है। इसके लिए इन्हें मानदेय के रूप में प्रतिदिन के हिसाब से 435 रुपये व 100 प्रतिदिन क्षेत्र भ्रमण करने के लिए दिया जा रहा है। इसके अलावा प्रतिमाह 500 रुपये मोबाइल खर्च के लिए मिल रहे हैं। योजना का उद्देश्य अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
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समूह की महिलाओं को वित्तीय जानकारी उपलब्ध कराने के लिए एफएलसीआरपी को तैनात किया गया है। यह गांव में जाकर महिलाओं को कारोबार में होने वाले खर्च को सही तरीके से प्रयोग करने व बचत का सही उपयोग करने की जानकारी उपलब्ध कराएंगी। इसके लिए इन्हें मानदेय भी दिया जा रहा है। - गंगाराम वर्मा, उपायुक्त, एनआरएलएम