रेल ट्रैक पर ट्रेन को दुर्घटनाग्रस्त करने वाली वस्तुओं के मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को कानपुर देहात के अंबियापुर रेलवे स्टेशन से करीब 200 मीटर की दूरी पर दिल्ली-हावड़ा रूट पर डाउन ट्रैक पर फायर सेफ्टी सिलिंडर मिला। बीते 48 दिनों में इस तरह की यह पांचवीं घटना है। इस घटना को भी ट्रेन पलटाने की साजिश के तहत देखा जा रहा है। तीन दिन पहले भीमसेन और गोविंदपुरी स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर इसी तरह का फायर सेफ्टी सिलिंडर मिला था।
बुधवार की सुबह 6:13 बजे डाउन ट्रैक से गुजर रही ईएस-6 (इटावा से सहारनपुर जा रही मालगाड़ी) के चालक ने अंबियापुर स्टेशन के डाउन प्लेटफार्म के पास रेल पटरी पर फायर सेफ्टी सिलिंडर पड़ा देखा। उसने ट्रेन रोककर इसकी सूचना स्टेशन मास्टर अंबियापुर महेंद्र प्रताप सिंह व नौशाद आलम को दी। मौके पर पहुंचे प्वाइंट मैन व आरपीएफ के सिपाही ने सिलिंडर को कब्जे में ले लिया। आरपीएफ प्रभारी रजनीश राय और जीआरपी की टीम ने फायर सेफ्टी सिलिंडर मिलने वाले स्थान को जांचा। सुबह छह बजे से पहले निकली ट्रेनों के बारे में जानकारी जुटाई।
आरपीएफ प्रभारी रजनीश राय ने बताया कि मालगाड़ी के चालक ने डाउन ट्रैक पर सिलिंडर पड़े होने की जानकारी दी थी। इससे पहले फरक्का एक्सप्रेस और ऊंचाहार एक्सप्रेस गुजर चुकी थीं। ट्रैक के किनारे गिट्टी पर पेंट के निशान मिले हैं, इससे आशंका है कि किसी ट्रेन से सिलिंडर निकाल कर गिरा दिया गया है। सुबह के समय स्टेशन के पास 20 किमी का काॅशन था। आशंका यह भी है कि ट्रेन चालक के अचानक ब्रेक लगाने से सिलिंडर गिर गया होगा। सिलिंडर गिरने के बाद रगड़ गया है, इससे उस पर लगा स्टीकर स्पष्ट नहीं दिख रहा है। उच्चाधिकारियों को अवगत कराने के साथ सभी पहलुओं पर पर जांच की जा रही है।
मालगाड़ी के चालक की सूझबूझ से बचा हादसा
कानपुर के आसपास रेलखंडों पर पहले भी सिलिंडर मिलने की घटनाएं हो चुकी हैं। इससे सबक लेते हुए रेलवे प्रशासन अलर्ट है। बुधवार सुबह मालगाड़ी के चालक की सूझबूझ से हादसा बच गया। यदि सिलिंडर ट्रेन के इंजन के निचले हिस्से से टकराता तो बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि सिलिंडर किस ट्रेन से गिरा है? इसकी जांच की जा रही है कि फायर सेफ्टी सिलिंडर कैसे डाउन लाइन पर पहुंचा? यह खुद गिरा है या फिर गिराया गया है?