जिस घर में बेटियों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां सोमवार को चीख-पुकार और सन्नाटा पसरा रहा। रविवार सुबह करीब 10:15 बजे हिरनी गांव में दो मंजिला कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया था। मलबे में गृहस्वामी मुकेश सिंह वैश्य (45) और उनकी चार बेटियां माया (16), नीतू (12), पल्लवी (7) और काजल उर्फ लक्ष्मी (19) दब गई थीं। ग्रामीणों ने राहत और बचाव शुरू कर चारों को मलबे से बाहर निकाला था। हादसे में मुकेश, माया, नीतू और पल्लवी की मौत हो गई, जबकि काजल गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।
आधी रात के बाद गांव पहुंची चारों की पार्थिव देह
रविवार देर रात पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद करीब रात दो बजे चारों के शव गांव पहुंचे। एक साथ चार शव घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के साथ ग्रामीण भी मृतक परिवार के घर पहुंच गए। रातभर गांव में मातम पसरा रहा।
एक साथ उठीं चार अर्थियां, रो पड़ा पूरा गांव
तहसील प्रशासन की ओर से अंतिम संस्कार के लिए दी गई आर्थिक सहायता के बाद सोमवार सुबह करीब 10:15 बजे मुकेश सिंह और उनकी तीन बेटियों माया, नीतू व पल्लवी की अर्थियां एक साथ घर से उठीं। एक ही परिवार के चार सदस्यों की अर्थियां देखकर ग्रामीणों की आंखें छलक उठीं।
मूसानगर घाट ले जाए गए शव
प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए वाहनों से चारों शवों को अंतिम संस्कार के लिए यमुना नदी के किनारे स्थित मूसानगर घाट ले जाया गया। एक साथ पिता और तीन बेटियों की अंतिम विदाई ने पूरे गांव को झकझोर दिया। हादसे में गंभीर रूप से घायल काजल का अस्पताल में इलाज जारी है।
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