एक व्यक्ति की नहीं हुई है शिनाख्त
करीब 40 साल के एक व्यक्ति की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। मृतक अनिल के भाई राजेश ने हादसे के तुरंत बाद मौके पर पहुंचकर इनायत की पहचान अनिल की दूसरी पुत्री सौम्या के रूप में कर दी थी। तब तक गजनेर से परिवार के लोग पहचान करने नहीं आ सके थे।
फिर पुलिस उलझन में पड़ गई
पुलिस ने राजेश की शिनाख्त के आधार पर सौम्या का पंचनामा भी भर दिया था। रात करीब 10 बजे गजनेर से मृतकों के परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और इनायत का शव गायब करने का आरोप लगाने लगे। पुलिस उलझन में पड़ गई। अनिल के परिवार के अन्य सदस्यों से बातचीत की गई।
थानाध्यक्ष बोले- गलत हुई थी पहचान
तब पता चला कि सौम्या तो अपने ननिहाल मूसानगर में सकुशल है। इसके बाद पुलिस ने सौम्या के बजाय इनायत के नाम से नया पंचनामा भरा। प्रभारी थानाध्यक्ष प्रशांत कटियार ने बताया कि परिजनों ने शिनाख्त गलत की थी। इसी वजह से भ्रामक स्थित पैदा हुई है।
रेफर लेटर और एफआईआर में भी सौम्या का नाम
हादसे के बाद संशय की गजब स्थिति बनी हुई है। सीएचसी में डॉक्टर ने सौम्या और उसके नाना को रेफर किया। इनके रेफर लेटर को भी परिवार के शिवा ने प्राप्त किया। इसके बाद थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमे में भी सौम्या को घायल दिखाया गया, जबकि मौके से सौम्या की जगह पल्लवी को रेफर किया गया।
अनाथ हो गईं अनिल की तीनों बेटियां
हादसे में दिवंगत अनिल, यशोदा के कुल पांच बच्चे थे। हादसे में पल्लवी और छह माह के लव की मौत हो गई। फतेहपुर पोस्टमार्टम हाउस से लव और कानपुर से पल्लवी का शव इटावा पहुंचे। परिजनों ने यमुना किनारे अनिल और यशोदा के शवों को मुखाग्नि दी। लव और पल्लवी के शवों को दफन किया।
दूसरे दिन भी नहीं हो सकी एक शव की शिनाख्त
हादसे में जान गंवाने वाले करीब 40 वर्षीय युवक की दूसरे दिन भी पहचान नहीं हो सकी। पुलिस युवक को कानपुर या कानपुर देहात का होना मान रही है। पुलिस ने मृतक का फोटो कानपुर और कानपुर देहात के थानों में भेजा है।