कई दिनों से मृतक परेशान चल रहा था
मृतक के हिस्से मे कुल एक बीघा से कुछ कम जमीन भी पड़ती है। घर का खर्चा चालने वाला स्वयं वही था। इन स्थितियों को लेकर कई दिनों से मृतक परेशान चल रहा था। आशाराम की मौत के बाद पत्नी और बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, थाना पुलिस पूरे मामले की जांच मे जुटी हुई है।
बेटियों से उठा पिता का साया...कैसे होगा गुजर बसर
आशाराम की मौत के बाद पांच बेटियों से पिता का साया उठ गया है। घर की हालत ठीक न होने की वजह से पत्नी और बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक रोजाना मजदूरी करके पैसे लाता था और उससे बच्चे बेटियों और पत्नी का खर्चा चलाता था। आशा राम की मौत के बाद, अब सवाल है कि उसके घर और बेटियों का खर्चा कैसे चलेगा।