डीआईओएस को भेजी गई मेल रमसा में क्यों रिसीव की गई... इस संबंध में की पूछताछ
एसीपी व उनकी टीम सबसे पहले चुन्नीगंज स्थित डीआईओएस कार्यालय पहुंची। पूछताछ और छानबीन के बाद यहां से 150 मीटर दूर स्थित रमसा कार्यालय गई। यहां पता चला कि माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड प्रयागराज से भेजी गई ई-मेल रमसा कार्यालय में रिसीव की गई थी।
जांच में डीआईओएस कार्यालय की लापरवाही सामने आई
डीआईओएस को भेजी गई ई-मेल यहां क्यों रिसीव की गई, क्या तत्कालीन डीआईओएस के आदेश पर ऐसा किया गया, इस बारे में लिपिकों से पूछा गया। डीआईओएस कार्यालय के अरुण कुमार, शिल्पा, उत्तम व रमसा के एकाउंटेंट सुशील समेत 10 लोगों से पूछताछ हुई। एक अधिकारी ने बताया कि डीआईओएस ने मेल की कॉपी शिल्पा को दी थी, उनके आदेश के बाद ही नियुक्ति वाली ई-मेल की रजिस्टर में एंट्री की गई थी। अब तक की जांच में डीआईओएस कार्यालय की लापरवाही सामने आई है।
मामले में अब तक क्या?
इंटर कॉलेजों में लेक्चरर पद पर हुई नौ फर्जी शिक्षक भर्ती मामले में कर्नलगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस प्रकरण की विवेचना के लिए एसीपी कर्नलगंज महेश कुमार की अगुवाई में एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी अब तक मास्टरमाइंड पिता-पुत्र समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।