पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि गिरोह में करीब दस लाख लोग शामिल हैं। कागज ऑनलाइन ऑर्डर कर मंगवाते थे। बर्रा निवासी एक प्रिंटिंग वाला डाई उपलब्ध करवाता था। इसलिए पुलिस ने उसको भी आरोपी बनाया है। मामले में दो और नाम सामने आए हैं। जिसमें आदित्य व अंशु शामिल है। आदित्य शहर के एक निजी कॉलेज में इजीनियरिंग का छात्र है। ये सभी फरार हैं। तलाश जारी है।
कनेक्शन निकला तो बड़े पैमाने पर होगी जांच
नकली नोट राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी मामला है। अधिकतर मामलो में विदेशी कनेक्शन होता है। इसलिए एनआईए जांच करती है। इसमें अभी खुफिया एजेंसी सक्रिय हुई हैं। वह पूरी जानकारी जुटा रही हैं। हालांकि गिरोह सामान्य प्रिंटर व सामान्य कागज पर ही नोट छापता था। उसमें सिक्योरिटी फीचर भी नहीं था। इसलिए आशंका है कि चंद रुपयों के खातिर आरोपियों ने ऐसा किया है। फिर भी हर स्तर पर जांच जारी है। अगर कोई बड़ा कनेक्शन सामने आता है तो जांच भी उच्चस्तरीय होगी।