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नकली नोटों का खेल: गिरोह का राजफाश! बीटेक और पीएचडी धारक छाप रहे थे नोट, यूट्यूब से सीखा था तरीका

Tue, 21 Feb 2023 09:10 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

क्राइम ब्रांच और पुलिस ने मिलकर नकली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इसमें बीटेक और पीएचडी धारक नकली नोट छाप रहे थे। पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़कर जेल भेजा है। वहीं, पुलिस कमिश्नर ने खुलासा करने वाली टीम को 50 हजार का इनाम देने की घोषणा की है।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में क्राइम ब्रांच और गोविंदनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने नकली नोट छापने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए एक डॉक्टर, इंजीनियर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरोह के पास से 4.59 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं।

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बता दें कि पकड़ा गया गिरोह फिरोजाबाद में नोट छाप रहा था और रकम को कानपुर के बाजारों में खपाने के लिए लेकर आया था। बाजार में जाली नोट उतारते उससे पहले पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। खुलासा करने वाली टीम को पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने 50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।



पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने बताया कि नकली नोटों की एक खेप शहर में खपाने की सूचना मिली थी। इस मामले में गोविंदनगर पुलिस को पहली जानकारी तब मिली जब उन्हें शहर निवासी एक आरोपी की जानकारी मिली। पुलिस ने उसे ट्रेस किया और पकड़ लिया।

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फिरोजाबाद में चल रहा था धंधा
 उसके जरिए पता चला कि नकली नोट छापने का काम फिरोजाबाद में चल रहा है। इस दौरान क्राइम ब्रांच को इस मामले में जोड़ा गया। पुलिस की संयुक्त टीम ने फिरोजाबाद में दबिश देकर अन्य दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।

आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
आरोपियों की पहचान फिरोजाबाद के सिरसागंज अवधनगर निवासी कुंवर अनुज कुमार उर्फ छोटू, नगला खाननगर गणपतिपुर निवासी सौरभ सिंह और गोविंदनगर के  गुजैनी निवासी विमल सिंह चौहान के रूप में हुई है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। उन्हें 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

यूट्यूब से सीखा नोट बनाने का तरीका
पूछताछ में आरोपियों  ने बताया कि वह यूट्यूब के जरिए नोट बनाने के तरीके सीखे। जिसे उन्होंने अलग अलग 50 से  अधिक वीडियो देखने के बाद सेव कर लिए थे। इसके बाद सौरभ सिंह ने फिरोजाबाद में ही एक गोदाम की व्यवस्था की। फिर कुंवर अनुज कुमार ने कंप्यूटर, स्याही और पेपर का जुगाड़ किया।
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उसके बाद दोनों ने नकली नोट का ले आउट बनाकर उसे प्रिंटर से प्रिंट करना शुरू कर दिया। वहीं नकली नोट को बाजार में खपाने की जिम्मेदारी विमल को सौंपी गई। आरोपियों ने बताया कि अब तक वह कोई नोट नहीं खपा पाए हैं। यह उनकी पहली खेप थी। हालांकि विमल से पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली है कि पहले दूसरे शहरों में नोट खपाए हैं। 
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