पीएसआईटी के अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में शामिल सदस्य
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कानपुर। भविष्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और समाज पर तकनीक का प्रभाव रहेगा। जनरेटिव एआई आने वाले समय में शिक्षा, हेल्थकेयर और इंडस्ट्री को नई दिशा देगा। रोबोटिक्स और ऑटोमेशन भविष्य की इंडस्ट्री में स्मार्ट मशीनों और ह्यूमन-रोबोट मेल को मजबूत करेंगे।
यह बातें शुक्रवार को प्रणवीर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नोलॉजी इन साइंस एंड इंजीनियरिंग 2025 विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में मुख्य अतिथि और आईआईटी में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष प्रो. अंकुश शर्मा ने कहीं। उन्होंने कहा कि तकनीक भविष्य की राह को आसान करेंगी।
कांफ्रेंस में देश-विदेश से आए विशेषज्ञों और प्रोफेसरों ने एआई, स्मार्ट सिटीज, हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी, मैथेमैटिकल मॉडलिंग और एकॉस्टिक सेंसिंग जैसे विषयों पर चर्चा की। जनरेटिव एआई, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन, स्पेस टेक्नोलॉजी, नैनो-मैटेरियल्स, साइबर सिक्योरिटी और स्मार्ट एनर्जी सॉल्यूशंस पर फोकस किया गया।
नैनो-मैटेरियल्स और स्मार्ट एनर्जी सॉल्यूशंस पर चर्चा करते हुए विशेषज्ञों ने कहा कि ग्रीन टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबल एनर्जी भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इस अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में कुल 121 शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए।
पीएसआईटी के चेयरमैन प्रणवीर सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऐसे सम्मेलन छात्रों और शोधकर्ताओं को विश्व स्तरीय दृष्टिकोण प्रदान करते हैं। ग्रुप निदेशक डॉ. मनमोहन शुक्ला ने कहा कि इस सम्मेलन से छात्रों को नवीनतम तकनीकों और शोध प्रवृत्तियों को समझने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी ऑफ लुइसविल अमेरिका के प्रो. अडेल एल्मगहार्बी, एचबीटीयू के प्रो. राम नरेश त्रिपाठी और यूनिवर्सिटी ऑफ वारविक यूके के डॉ. अमित कृष्ण द्विवेदी शामिल रहे।