पुरस्कार की धनराशि जांच पूरी होने के बाद होगी स्वीकृत
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि यह अपराधी पुलिस मुठभेड़ में मारा जाता है, तो ऐसी दशा में पुरस्कार की धनराशि जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार स्वीकृत की जाएगी। इस घोषणा की प्रतिलिपि अपर पुलिस महानिदेशक (कानपुर/आगरा जोन) समेत उच्चाधिकारियों और समस्त थाना प्रभारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
गैर जमानती वारंट जारी
वहीं, सोमवार को पुलिस ने सभी आरोपियों के घर के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया है। नोटिस में कहा गया है कि यदि आरोपी दो दिन में खुद कोतवाली में पेश नहीं हुए तो अदालत से गैर जमानती वारंट जारी कराया जाएगा। इसके बाद उनकी संपत्ति कुर्क कर दी जाएगी। दूसरी ओर, पालिका चेयरमैन के सपा से होने की वजह से मामला राजनीतिक रंग भी लेने लगा है।
ये था पूरा मामला
बता दें कि सराय दयानत निवासी नगर पालिका के वरिष्ठ लिपिक राजीव यादव ने शुक्रवार की सुबह यमुना नदी में छलांग लगा दी थी। दूसरे दिन एसडीआरएफ की टीम ने शव को जहरौली गांव के पास से बरामद किया था। राजीव ने प्रताड़ना का आरोप लगाकर एक सुसाइड नोट छोड़ा था। उसके आधार पर बेटे सिद्धार्थ अर्जुन ने नगरपालिका की चेयरमैन ज्योति गुप्ता, उनके पति पूर्व चेयरमैन कुलदीप गुप्ता, ईओ संतोष कुमार मिश्रा, दो सेवानिवृत्त कर्मचारी अतर सिंह सेंगर, सुनील वर्मा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।