भिवानी से कानपुर जा रही कालिंदी एक्सप्रेस ट्रेन का इंजन शंटिंग करते वक्त पश्चिमी केबिन के पास पटरी से उतर गया। कासगंज से क्रेन के साथ पहुंची राहत (रिलीफ) ट्रेन के कर्मियों ने छह घंटे बाद ट्रैक को हरी झंडी दे दी।
हालांकि प्लेटफार्म दो पर खड़ी ट्रेन में दूसरा इंजन लगाकर निर्धारित समय पौने आठ बजे कानपुर रवाना कर दी गई। कालिंदी एक्सप्रेस शनिवार सुबह करीब 5.30 बजे प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंची।
कानपुर जाने के लिए शंटिंग करते वक्त इंजन जैसे ही पश्चिम केबिन से 25 मीटर कासगंज की ओर पहुंचा कि पौने छह बजे ट्रैक से आठ पहिेये पटरी से उतर गए। इससे चालक घबरा गए और स्टेशन अधीक्षक योगेंद्र कुमार शाक्य ने कंट्रोल को सूचना दी।
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर दूसरे इंजन से ट्रेन को अपने निर्धारित समय पौने आठ बजे कानपुर की ओर रवाना कर दिया गया। दुर्घटना के तुरंत बाद फतेहगढ़ से सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेलपथ जहीर अहमद टीम के साथ पहुंचे।
सूचना पर साढ़े आठ बजे कासगंज से क्रेन/रिलीफ ट्रेन पहुंची। इसके बाद इंजन को ऑटोमेटिक प्रेशर जेक लगाकर उठाया गया। बचाव टीम ने छह घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर 11.24 बजे इंजन को हटा दिया।
इसके बाद पटरी की मरम्मत करके 11.45 बजे ट्रैक को हरी झंडी दे दी गई। इज्जतनगर मंडल से सीनियर डीएनई प्रथम नवीन कुमार, द्वितीय एके सिंह, सीनियर डीएसओ एनके जोशी, मंडल मुख्य वाणिज्य अधीक्षक अवध बिहारी आदि अधिकारी मौजूद रहे।
दूसरे ट्रैक से निकाली मालगाड़ी
इंजन के पटरी से उतरने के वक्त एक मालगाड़ी आई, तो उसे दूसरे ट्रैक से निकाला गया। इस दौरान ट्रेनों के संचालन में कोई दिक्कत नहीं आई।
चालक की लापरवाही
दुर्घटना स्थल पर मौजूद रेलवे के अधिकारियों में दुर्घटना को लेकर खासी चर्चा रही। अफसरों का मानना था कि चालक की लापरवाही जरूर रही। माना जा रहा है कि कोहरे की वजह से वह सिग्नल नहीं देख सका। इसीलिए इंजन बेपटरी हो गया।
दुर्घटना की होगी जांच: पीआरओ
इज्जतनगर डीआरएम के पीआरओ राजेंद्र सिंह ने बताया, तीन अधिकारी यहां से दुर्घटनास्थल पर गए थे। इस मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी। कौन अधिकारी जांच करेंगे, इसकी जानकारी बाद में होगी।