कानपुर देहात। खोया में मिलावट खोरी जारी है। मिलावटी मिठाई खाना सेहत के लिए नुकसानदेह है। हालात ये हैं कि डेरापुर, झींझक व रसूलाबाद आदि क्षेत्र में मिलावटी खोया बनाकर मंडियों में खपाया जा रहा है। यहीं से यह मिठाई दुकानों पर पहुंच रहा है। मिलावटी खोया से बनी मिठाई लोगों की सेहत खराब कर सकती है। इसके लिए सतर्क रहने की जरूरत है।
प्रयोगशाला रिपोर्ट के आंकड़े पर गौर करें तो साफ है कि कि मिलावट से खोया जहरीला हो गया है। बीते वित्तीय वर्ष में खोया के कुल 40 नमूने लिए गए। प्रयोगशाला में जांच हुई तो 33 नमूने फेल हो गए। खोया के केवल सात नमूने ही जांच में सुरक्षित पाए गए। त्योहारी सीजन में मिठाई की मांग बढ़ जाती है। इसका फायदा कारोबारी उठाते हैं। लागत कम करने के लिए पहले दूध की जान यानी फैट निकाल लिया जाता है। इसके बाद सस्ता स्किम्ड पाउडर, चिकनाई के लिए रिफाइंड, स्टार्च व घातक रसायन की मिलावट की जाती है। बीते दिनों सिकंदरा व रसूलाबाद के बादशाहपुर में संचालित खोया भट्टी में हानिकारक रसायन की खेप मिली।
इस पर तीन कारोबारियों पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई। बता दें कि डेरापुर, झींझक व रसूलाबाद क्षेत्र में खोया भट्टियां अधिक हैं। रसूलाबाद में कहिंजरी, पिम्मा निवादा, कछवनपुरवा, ताजपुर, तरसौली, मुर्री, हीकेपुर, बारिगौ, असालतगंज और बादशाहपुर में खोया बनाने की भट्टियां हैं। कई जगह मिलावटी खोया तेजी से बनाया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि मिलावटी खोया जिले के अलावा आसपास के अन्य जिलों में भी खपाया जा रहा है। हालात ये हैं कि करीब 100 से अधिक स्थानों पर खोया भट्टी संचालित हैं।
दरअसल मिलावटी खाद्य पदार्थ की बिक्री रोकने का दारोमदार खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग का है। यह विभाग त्योहारी सीजन में अभियान शुरू करता है। इसके पहले खाद्य सुरक्षा अधिकारी मिशन मोड में काम करते नजर नहीं आते हैं। इसकी वजह से मिलावटखोर सक्रिय रहते हैं। त्योहारी सीजन में छापेमारी होती है तो कई मिलावटखोर ठिकाना बदल लेते हैं।
.....................
बयान........
मिलावटी खाद्य पदार्थ की बिक्री रोकने के लिए लगातार छापामारी की जा रही है। सिकंदरा व रसूलाबाद के बादशाहपुर में खोया भट्टी परिसर में रसायन मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है। अभी अभियान चल रहा है। मिलावटखोरों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - रामअवतार सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय
.....................
रक्षाबंधन पर अभियान में अब तक लिए खोया के छह नमूने
रक्षाबंधन पर खोया व मिठाई में मिलावट का खेल जारी है। इधर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की कार्रवाई पर नजर डालें तो खोया के केवल छह नमूने ही लिए गए हैं। इसके अलावा जिले में अन्य जिलों से आ रही रेडीमेड मिठाई का कारोबार खूब फल-फूल रहा है। यह रेडीमेड मिठाई काफी समय तक खराब नहीं होती है। जबकि सस्ती मिल जाती है। कमाई के लिए इस समय काफी मिठाई कारोबारी दूसरे जिले से आ रही यह घटिया रेडीमेड मिठाई ही बेच रहे हैं। हालांकि रेडीमेड मिठाई बेचने वालों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ढिलाई बरत रही है। बता दें कि इस त्योहारी सीजन में मंगलवार को जिनई बनीपारा में एक कारोबारी के यहां मिली 80 किलो बर्फी नष्ट कराई गई थी।
.....................
इस तरह कर सकते मिलावटी खोया की पहचान
स्टार्च की जांच : दूध से फैट निकाल कर चावल का पानी, मैदा, अरारोट आदि की मिलावट की जाती है। इसके बाद खोया बनाया जाता है। खोया में आयोडीन की दो-तीन बूंद डालने पर नीला या गहरा नीला रंग हो जाए तो स्टार्च की मिलावट तय है।
चिकनाहट की जांच : थोड़ा खोया हाथ में लेकर अंगूठे व अंगुली के बीच रगड़ें। यह घी छोड़े और खुशबू देर तक बनी रहे तो खोया ठीक है। यदि चिपचिपा लगे और बदबू आए तो मिलावट है।
स्वाद की जांच : देखें, सूंघें और चखें के जरिये स्वाद की जांच की जा सकती है। असली खोया स्वाद में कच्चे दूध जैसा हल्का मीठा होता है। कड़वा या अजीब स्वाद लगे तो यह मिलावटी है।