कानपुर देहात/पुखरायां। जिले में बुखार का कहर कम नहीं हो रहा है। भोगनीपुर क्षेत्र के ठाकुर पुरवा गांव में शुक्रवार को एक वृद्ध की बुखार से मौत हो गई। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में बुखार से पीड़ित 142 नए मरीज पहुंचे। जिन्हें दवा दी गई। 23 मरीजों के रक्त के सैंपल जांच के लिए भेजे गए। जिले में अब तक डेंगू व बुखार से 20 लोगों की मौत हो चुकी है।
भोगनीपुर क्षेत्र के ठाकुर पुरवा गांव निवासी दिलीप कुमार ने बताया कि उसके पिता रंजीत सिंह (70) को कई दिनों से बुखार आ रहा था। शुक्रवार सुबह उनकी हालत बिगड़ने लगी। इस पर इलाज के लिए पुखरायां सीएचसी ले गए, जहां डॉ. आरती ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। वहीं शुक्रवार सुबह अस्पताल खुलते ही मरीजों की भीड़ पहुंचना शुरू हो गई।
संदलपुर क्षेत्र की हवासपुर सीएचसी की ओपीडी में डॉ. केदारनाथ ने 92 मरीज देखे। जिसमें 39 मरीज बुखार पीड़ित थे। इस दौरान आठ मरीजों के रक्त का सैंपल लिया गया। वहीं झींझक सीएचसी की ओपीडी मेें 195 मरीज पहुंचे। जिसमें 16 मरीज बुखार पीड़ित थे। लालपुर गांव निवासी एक वर्षीय लड्डू को तेज बुखार के चलते सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
वहीं कस्बा निवासी मोहम्मद आलम (13) को सीएचसी में ही भर्ती किया गया है। रसूलाबाद सीएचसी की ओपीडी मेें शुक्रवार को 225 मरीज पहुंचे। जिसमें 65 मरीज बुखार से पीड़ित थे। इनमें तीन को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया, जबकि 15 लोगों के रक्त का सैंपल लिया गया। डेरापुर सीएचसी की ओपीडी मेें 134 मरीज पहुंचे। जिसमेें बुखार के 22 मरीजों को दवा दी गई। डॉ. तरुण गोयल ने बताया कि यहां किसी मरीज को भर्ती नहीं किया गया है।
अजयपुर गांव में हुआ दवा का छिड़काव, नहीं पहुंचे डॉक्टर
रूरा। अजयपुर में बुखार फैलने की सूचना पर शुक्रवार को मलेरिया विभाग की टीम गांव पहुंची। टीम ने दवा का छिड़काव किया और लोगों को मच्छरजनित बीमारियों के प्रति जागरूक किया। वहीं बुखार पीड़ित मरीजों का इलाज करने के लिए चिकित्सक गांव नहीं पहुंचे।
झींझक ब्लॉक के अजयपुर गांव निवासी सत्यम शुक्ला की दो वर्षीय पुत्री खुशी की बीते सोमवार को बुखार से मौत हो गई थी। वहीं गांव में 35 से अधिक लोग बुखार की चपेट में हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम न पहुंचने से मरीज झोलाछाप से ही इलाज कराने को मजबूर थे। शुक्रवार को अमर उजाला में खबर प्रकाशित हुई तो सीएमओ कार्यालय से मलेरिया विभाग की टीम गांव पहुंची।
इस दौरान नालियों व गंदगी युक्त जगहों पर दवाओं का छिड़काव कराया गया। टीम के प्रभारी डॉ. शिशिर श्रीवास्तव ने बताया कि गांव की नालियों व गलियों में दवाओं का छिड़काव किया गया है। जिन घरों में लोग बीमार हैं, उन्हेें कूलर, गमलों आदि में भरे पानी को हटाकर साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया गया है। वहीं शाम तक चिकित्सकों की टीम न पहुंचने से लोग झोलाछाप से इलाज करा रहे हैं। (संवाद)
रसूलाबाद के दो और वार्डों मेें मिले डायरिया पीड़ित 32 मरीज
रसूलाबाद। कस्बा के गौतमबुद्ध नगर मेें डायरिया फैलने के बाद अब शास्त्री नगर में मरीजों के मिलने का सिलसिला शुरू हो गया है। शुक्रवार को दोनों मोहल्लों के 32 डायरिया पीड़ित मरीज सीएचसी पहुंचे। जहां डॉक्टर ने आठ मरीजों को भर्ती कर इलाज किया।
गौतमबुद्ध नगर व शास्त्रीनगर में जगह-जगह लगे गंदगी के ढेर व बजबजाती नालियों के चलते संक्रामक बीमारियों ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को गौतमबुद्ध नगर के प्रहलाद (60), दीपू गुप्ता (35), अंटू (30), ज्ञानवती (45) व शास्त्री नगर निवासी भूरा के बेटे विकास (11), नरेंद्र सिंह की बेटी अंजली (10), रामभरोसे का बेटा पंकज (15) समेत 32 लोग उल्टी दस्त की चपेट में आ गए।
सीएचसी पहुंचे मरीजों का डॉ. रविप्रकाश सोनी व डॉ. बृजेश कुमार ने उपचार कर दवा दी। वहीं आठ मरीजों की हालत खराब होने पर भर्ती कर ड्रिप लगाई गई। मालूम हो कि गुरुवार को गौतमबुद्ध नगर के 27 लोग डायरिया से पीड़ित पाए गए थे। जिन्हें अस्पताल से दवा दी गई थी।
शास्त्री नगर वार्ड की सभासद रश्मि यादव ने बताया कि जगह-जगह नालियां चोक होने से गंदगी है और संक्रामक बीमारी फैल रही है। कहने के बावजूद सफाई कर्मी नहीं आते। एसडीएम अंजू वर्मा ने बताया कि गौतमबुद्ध नगर व शास्त्री नगर में डायरिया फैलने की जानकारी मिली है। स्वास्थ्य व नगर पंचायत अधिकारियों को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया। फॉगिंग व कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाएगा। (संवाद)