फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जीने का इकलौता सहारा छिना: बुजुर्ग दंपती के बेटे की मौत, चंदे से हुआ अंतिम संस्कार

Sun, 11 Feb 2024 08:22 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

यूपी के कानपुर में दिल को झकझोर देने वाला एक मामला सामने आया है। बुजुर्ग दंपती के बेटे की मौत हो गई। जीने का इकलौता सहारा छिन जाने से दंपती टूट गया। आसपास के लोगों ने ढांढ़स बंधाया।
 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर के नौबस्ता में बुजुर्ग दंपती के इकलौते बेटे की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। दंपती के जीने का इकलौता सहारा भी छिन जाने से पूरी तरह टूट गया। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार की हालत देख लोगों ने उनकी मदद के लिए चंदा जुटाया। इसके बाद उसकी चंदे से बेटे के शव का पोस्टमार्टम से लेकर अंतिम संस्कार कराया गया।

विज्ञापन


मूलरूप से पश्चिम बंगाल के मेमोरी निवासी मोनीतेश चक्रवर्ती (45) आवास विकास कॉलोनी हंसपुरम में प्राइवेट नौकरी करते थे। उनकी शादी नहीं हुई थी। उनके पिता 75 वर्षीय विकास चंद्र चक्रवर्ती ने बताया कि उनकी एक बेटी भी है, जो उनसे मतलब नहीं रखती। वह व उनकी पत्नी अपने बेटे मोनीतेश के सहारे ही किसी तरह जीवन यापन कर रहे थे। शुक्रवार को अचानक मोनीतेश की तबीयत बिगड़ी। मुंह से झाग निकलता देख मकान मालिक व आसपास के लोगों की मदद से हैलट अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

विज्ञापन

यह सुनकर बुजुर्ग दंपती बदहवास हो गया। मोनीतेश पोस्टमार्टम हाउस में गश खाकर गिर गए, जिन्हें पुलिस कर्मियों ने सहारा दिया। उनकी हालत देख आसपास के लोगों ने उन्हें ढांढ़स बंधाया। आर्थिक स्थिति दयनीय होने के कारण लोगों ने चंदा जुटाकर शव का भैरो घाट पर अंतिम संस्कार कराया।

चंद्र चक्रवर्ती ने बताया कि उनकी अमेरिका में रहने वाली बहन आरती उन्हें पैसे भेजती हैं, जिससे वह दो वक्त की रोटी खा पाते हैं। घटना की सूचना देने के लिए आरती को फोन किया, लेकिन फोन नहीं मिला। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मोनीतेश की मौत हार्ट अटैक से होने की आशंका है। बिसरा सुरक्षित किया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें