कानपुर के नौबस्ता में बुजुर्ग दंपती के इकलौते बेटे की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। दंपती के जीने का इकलौता सहारा भी छिन जाने से पूरी तरह टूट गया। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार की हालत देख लोगों ने उनकी मदद के लिए चंदा जुटाया। इसके बाद उसकी चंदे से बेटे के शव का पोस्टमार्टम से लेकर अंतिम संस्कार कराया गया।
मूलरूप से पश्चिम बंगाल के मेमोरी निवासी मोनीतेश चक्रवर्ती (45) आवास विकास कॉलोनी हंसपुरम में प्राइवेट नौकरी करते थे। उनकी शादी नहीं हुई थी। उनके पिता 75 वर्षीय विकास चंद्र चक्रवर्ती ने बताया कि उनकी एक बेटी भी है, जो उनसे मतलब नहीं रखती। वह व उनकी पत्नी अपने बेटे मोनीतेश के सहारे ही किसी तरह जीवन यापन कर रहे थे। शुक्रवार को अचानक मोनीतेश की तबीयत बिगड़ी। मुंह से झाग निकलता देख मकान मालिक व आसपास के लोगों की मदद से हैलट अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।