फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur: आठवीं फेल नेता ने 20 राज्यों के 250 लोगों से ठगे 22 करोड़, कानपुर की साइबर टीम ने भोपाल से चार को पकड़ा

Tue, 15 Oct 2024 02:16 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: साइबर पुलिस ने भोपाल से चार ठगों को गिरफ्तार किया है। इस ठगी गैंग का सरगना आठवीं फेल राजनैतिक पार्टी का ओबीसी मोर्चा का जिलाध्यक्ष है। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर 20 राज्यों के 250 लोगों से 22 करोड़ रुपये ठगे हैं।
विज्ञापन
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में सेना से सेवानिवृत्त कैंट निवासी विनोद कुमार को शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर 1.78 करोड़ ठग लिए। ठगी का सरगना भोपाल का आठवीं फेल रोहित सोनी है, जो राजनैतिक पार्टी का ओबीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष है। इसने अपने साथियों के साथ मिलकर 20 राज्यों के 250 लोगों से 22 करोड़ ठगे हैं।

विज्ञापन

कानपुर की साइबर टीम ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में बाकी तीन बैंक कर्मी हैं। कोई एमबीए करके प्राइवेट बैंक में क्लर्क का काम करता है, तो कोई बैंक में लोन रिकवरी एजेंट के रूप में काम करता है। पकड़े गए आरोपियों में होशंगाबाद निवासी अक्षय गुरु व मयंक मीणा,और मधुबनी बिहार का रहने वाला मनीष कुमार मंडल शामिल हैं।
आरोपियों के से पुलिस ने सफारी गाड़ी 12 स्मार्ट मोबाइल, एक लैपटॉप, स्वाइप मशीन, पासपोर्ट समेत कई अहम दस्तावेज बरामद किए हैं। मामले में सबसे अहम बात यह है कि  आठवीं फेल मास्टरमाइंड रोहित ने इंटरनेट यूट्यूब से ठगी सीख कर एमबीए पास युवक को साइबर ठगी सिखाई। आरोपियों के खिलाफ आंध्र प्रदेश,बिहार ,दिल्ली, गुजरात, हरियाणा केरल कर्नाटक समेत देश के कई राज्यों में ठगी के मामले दर्ज हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

टेलीग्राम ग्रुप में लोगों को जोड़ा जाता था
आरोपी शेयर और क्रिप्टोकरेंसी से कमाए मुनाफे को साइबेरिया, दुबई में बैठे आकाओं के पास भेजते थे। यहां से इन्हें कमीशन मिलता था। टेलीग्राम ग्रुप में लोगों को जोड़ा जाता। पहले से सक्रिय सदस्य ज्यादा मुनाफा मिलने की बात लिखकर बाकी को ललचवाते थे। जब वह निवेश कर देते, तो उन्हें ब्लॉक कर ग्रुप से रिमूव कर दिया जाता था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें