एडीजीसी ओमेंद्र दीक्षित और शिवभगवान गोस्वामी ने बताया कि पति, सास व ससुर के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रूबी के दो माह की गर्भवती होने की पुष्टि हुई थी।
कानपुर में दहेज में चार लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर शादी के एक साल के अंदर ही तेजाब पिलाकर गर्भवती पत्नी की हत्या करने वाले पति को कोर्ट ने आठ साल कैद और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सास और ससुर को सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।
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फैसला अपर जिला जज 12 विनय कुमार सिंह की कोर्ट ने सुनाया। रायबरेली के लालगंज निवासी सुंदरलाल ने बेटी रूबी की शादी गुजैनी निवासी राजू सोनी के साथ 16 अप्रैल 2016 को की थी। शादी में लगभग 12 लाख रुपये भी खर्च किए थे।
शादी के बाद से ही दहेज में चार लाख रुपये और लाने की मांग को लेकर पति राजू, सास सरोज, ससुर दिनेश सोनी, देवर व ननद रूबी को मारते-पीटते थे। उसे भरपेट खाना भी नहीं देते थे। मायके वालों को कुछ बता न सके, इसलिए उसका मोबाइल भी छीन लिया था।
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26 जनवरी 2017 को पड़ोस में रहने वाले सुंदरलाल के साले श्यामू वर्मा ने रूबी के संजीवनी अस्पताल में भर्ती होने की सूचना दी। सुंदरलाल अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि रूबी की मौत हो गई है। उन्होंने गोविंदनगर थाने में दहेज के लिए रूबी को तेजाब पिलाकर मार डालने का आरोप लगाते हुए ससुराल वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
एडीजीसी ओमेंद्र दीक्षित और शिवभगवान गोस्वामी ने बताया कि पति, सास व ससुर के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रूबी के दो माह की गर्भवती होने की पुष्टि हुई थी। सुबूतों के आधार पर कोर्ट ने पति को सजा सुनाई, जबकि सास-ससुर को दोषमुक्त करार दिया।