ओमप्रकाश ने जमीन का 20 साल पुराना बैनामा दिखाया। फिर भी चौकी पुलिस ने ओमप्रकाश से निर्माण बंद कराने को कहा। हालांकि देर रात ओमप्रकाश ने लेंटर डलवाना शुरू कर दिया। इसपर रामलखन तिवारी ने घाटमपुर थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि जब उन्होंने निर्माण रुकवाया तो ओमप्रकाश ने उन्हें डपटकर भागा दिया।
आठ नामजद व 20 अज्ञात पर हुआ था केस
रामखिलावन की तहरीर पर पतारा चौकी पुलिस निर्माण कार्य रोकने पहुंची। इस दौरान निर्माण कर रहे लोगों का पुलिस से भी विवाद हो गया। इसके बाद पुलिस ने वृद्ध की तहरीर पर आठ नामजद और 20 अज्ञात के खिलाफ मारपीट बलवा समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी।
खुद की पिटाई छुपाने को डीवीआर उठा लाई पुलिस
डीसीपी साउथ रवींद्र कुमार ने बताया कि जांच कर रहे पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों से रिश्वत मांगी थी। दोनों पक्षों ने रिश्वत की रकम दे दी लेकिन उनके मन की कार्यवाही नहीं हुई। इस पर उन्होंने शिकायत की। एडीसीपी अंकिता शर्मा ने जांच की पता चला कि खुद की पिटाई छिपाने को पुलिस सीसीटीवी कैमरे समेत डीवीआर उठा लाई थी। जांच में सब इंस्पेक्टर संकित तौगड़, शिव शरण शर्मा, आशीष चौधरी, जयवीर सिंह के अलावा सिपाही पंकज सिंह, कुबेर सिंह, जितेंद्र और हेड कांस्टेबल प्रथम सिंह आरोपी पाए गए। इसके साथ ही प्रभारी निरीक्षक और कार्यवाहक प्रभारी निरीक्षक से भी जवाब तलब किया गया है।