फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: घाटमपुर थाने के चार वसूलीबाज दरोगाओं समेत आठ पुलिसकर्मी निलंबित,जांच में आरोप सही पाए जाने पर हुई कार्रवाई

Thu, 08 Aug 2024 10:28 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Ghatampur News: मामूली विवाद में एक पक्ष से दस तो दूसरे से चालीस हजार रुपये वसूलने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर के बिल्हौर थाने में तैनात दो दरोगाओं पर कार्रवाई के बाद गुरुवार को घाटमपुर थाने के चार वसूलीबाज दरोगाओं समेत आठ पुलिसकर्मियों को डीसीपी साउथ रवींद्र कुमार ने निलंबित कर दिया है। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने मामूली विवाद की जांच के दौरान कार्रवाई का डर दिखाकर एक पक्ष से 10 हजार और दूसरे पक्ष से 40 हजार रुपये वसूले थे।

विज्ञापन


घाटमपुर के पतारा कस्बा निवासी रामलखन तिवारी का मोहल्ले के ही बेरिया के साथ जमीन का विवाद चल रहा है। इस मामले में कुछ साल पहले शिकायत की गई थी। जांच के दौरान जमीन की खतौनी बेरिया के नाम पर निकली थी। बेरिया ने पुलिस को बताया कि उसने लगभग 20 साल पहले केवड़िया गांव निवासी ओमप्रकाश यादव को एक प्लॉट का बैनामा किया था। इसमें ओमप्रकाश ने डीपीसी भरवाने के साथ बाउंड्री का निर्माण कराया था। एक महीने से प्लॉट पर निर्माण जारी था। इसकी शिकायत रामलखन तिवारी ने 19 जुलाई को पुलिस अधिकारियों से की तो पतारा चौकी के पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को चौकी बुलाया।

ओमप्रकाश ने जमीन का 20 साल पुराना बैनामा दिखाया। फिर भी चौकी पुलिस ने ओमप्रकाश से निर्माण बंद कराने को कहा। हालांकि देर रात ओमप्रकाश ने लेंटर डलवाना शुरू कर दिया। इसपर रामलखन तिवारी ने घाटमपुर थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि जब उन्होंने निर्माण रुकवाया तो ओमप्रकाश ने उन्हें डपटकर भागा दिया।

आठ नामजद व 20 अज्ञात पर हुआ था केस
रामखिलावन की तहरीर पर पतारा चौकी पुलिस निर्माण कार्य रोकने पहुंची। इस दौरान निर्माण कर रहे लोगों का पुलिस से भी विवाद हो गया। इसके बाद पुलिस ने वृद्ध की तहरीर पर आठ नामजद और 20 अज्ञात के खिलाफ मारपीट बलवा समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी।
विज्ञापन

खुद की पिटाई छुपाने को डीवीआर उठा लाई पुलिस
डीसीपी साउथ रवींद्र कुमार ने बताया कि जांच कर रहे पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों से रिश्वत मांगी थी। दोनों पक्षों ने रिश्वत की रकम दे दी लेकिन उनके मन की कार्यवाही नहीं हुई। इस पर उन्होंने शिकायत की। एडीसीपी अंकिता शर्मा ने जांच की पता चला कि खुद की पिटाई छिपाने को पुलिस सीसीटीवी कैमरे समेत डीवीआर उठा लाई थी। जांच में सब इंस्पेक्टर संकित तौगड़, शिव शरण शर्मा, आशीष चौधरी, जयवीर सिंह के अलावा सिपाही पंकज सिंह, कुबेर सिंह, जितेंद्र और हेड कांस्टेबल प्रथम सिंह आरोपी पाए गए। इसके साथ ही प्रभारी निरीक्षक और कार्यवाहक प्रभारी निरीक्षक से भी जवाब तलब किया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें