कानपुर देहात। किसानों से संपर्क करने के साथ गेहूं की सरकारी खरीद में तेजी लाने के लिए अफसर लाख प्रयास कर रहे हैं। वहीं, बढ़े बाजार भाव के चलते सरकारी खरीद पर ग्रहण लगा हुआ है।
इस साल खरीद शुरू होने के बाद 22 दिनों में 10 केंद्रों पर केवल 132 एमटी गेहूं की खरीद ही हुई है, जबकि पिछले साल 3503 एमटी गेहूं खरीदा जा चुका था। कई किसान क्रय केंद्र पर पूछताछ के बाद लौट जा रहे हैं। इससे जिले के 52 क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद की बोहनी ही नहीं हो सकी है।
रबी विपणन वर्ष 2022-23 में गेहूं की सरकारी खरीद के लिए 62 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इस बार 55 हजार मीट्रिक टन (एमटी) खरीद लक्ष्य तय है। सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है।
जबकि इस बार गेहूं का खुले बाजार में भाव तेज है। इससे सरकारी खरीद पर ग्रहण सा लग गया है। कुछ केंद्रों पर किसी तरह से गेहूं खरीद की बोहनी तो हो गई लेकिन अब किसान अनाज लेकर नहीं पहुंच रहे हैं।
वहीं खाद्य विभाग को छोड़कर अन्य चार क्रय एजेंसियों का गेहूं खरीद का खाता तक नहीं खुल सका है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार मौजूदा वर्ष में अब तक 22 किसानों से केवल 132 एमटी गेहूं खरीदा जा सका है।
वहीं पिछले साल इस समय तक 3503 एमटी गेहूं की खरीद कर ली गई थी। किसानों के अनाज लेकर नहीं आने से क्रय केंद्रों पर सन्नाटा है। सुबह नौ बजे क्रय केंद्र पर आकर प्रभारी पूरे दिन किसानों के अनाज लेकर आने का इंतजार करते हैं। यही हाल रहा तो लक्ष्य गेहूं खरीद हो जाएगी इसका संशय बना है।
लगातार किसानों से संपर्क किया जा रहा है। किसान अभी मड़ाई कार्य में लगे हैं। इस सप्ताह यह काम लगभग पूरा हो जाएगा। इसके बाद किसानों के गेहूं लेकर क्रय पर पहुंचने की उम्मीद है। गेहूं का बाजार मूल्य एमएसपी से अधिक होने की वजह से कम पंजीकरण हो सके हैं। पिछले साल गेहूूं की खरीद के सापेक्ष इस बार की खरीद काफी कम है। - राघवेंद्र प्रताप सिंह, जिला खाद्य विपणन अधिकारी