शंकरपुर गांव में मुस्तैद पुलिस बल।(संवाद)
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सरवनखेड़ा। गजनेर थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव में दो मौतों से रविवार को चूल्हे नहीं जले। गांव में भारी पुलिस बल तैनात रहा। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव पहुंचने पर परिजनों में फिर कोहराम मच गया। खेतों में दोनों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। खेतों में ही दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
शनिवार को गांव के अंदर सूखे कुआं में एक बकरा गिर गया था। उसे निकालने के लिए उतरे ब्रजेश व बलवीर की जहरीली गैस से मौत हो गई थी। सूचना पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने दोनों के शव निकाले थे। दो नौजवानों की मौत से गांव में मातम छाया है। एक ही बिरादरी का गांव होने के चलते लोगों के घरों में चूल्हे तक नहीं जले। रविवार दोपहर बाद दोनों शव गांव पहुंचे तो परिजनों में कोहराम मच गया। महिलाएं शवों से लिपट कर बिलखने लगीं।
इंस्पेक्टर गंगा सिंह पुलिस बल लेकर पहुंचे। ऐतिहात के तौर पर पीएसी बुलाई गई थी। हालांकि कुछ ही देर में पीएसी को वापस कर दिया गया। शाम 3 बजे दोनों शवों का खेतों में अंतिम संस्कार कर दिया गया। दोनों के भाइयों ने मुखाग्नि दी। कांटा और लकड़ी आदि रखकर कुआं ढक दिया गया है। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य विशंभर सोनकर, सरवनखेड़ा प्रधान अनिल बाजपेई, सुुशील बाजपेई, कमलेश मिश्र, योगेंद्र चौहान, छोटे यादव, जितेंद्र सिंह बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।