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रंजिश में पिता-पुत्रों को पीटा, घायल एक पुत्र की मौत

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मृतक मुनेश का फाइल फोटो। (संवाद) - फोटो : AKBARPUR
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रूरा (कानपुर देहात)। थाना क्षेत्र के गहोबा गांव में शनिवार रात मुकदमे की रंजिश में गांव के कई लोगों ने पीट पीट कर युवक की हत्या कर दी। युवक को बचाने आए पिता और भाई को मारपीट घायल कर दिया। सूचना पर पुलिस पहुंची तो आरोपी फरार हो गए। तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
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गहोबा गांव निवासी जगमोहन व उसके पुत्र ने गांव के कई लोगों पर एससीएसटी का मुकदमा दर्ज कराया है। गांव निवासी सरजीत भी एक केस में आरोपी है। इसी रंजिश में शनिवार की रात करीब आठ बजे अपशब्द कहने को लेकर विवाद हो गया। जगमोहन व उसके पुत्र मुनेश (30) व विजय को एक वर्ग के लोगों ने जमकर पीटा। इसमें पिता व दोनों पुत्र घायल हो गए। मुनेश लहूलुहान हो गया। सूचना पर पुलिस पहुंची तो हमलावर फरार हो गए। जगमोहन ने पुलिस को बताया कि मुनेश मवेशियों को चारा दे रहा था। इसी दौरान गांव के रामनरेश, तेजधारी, सुखराम, छोटे, राजू, मनीत, मनोज, राजू, सरजीत, मुनुआ व तीन-चार लोगों ने मारपीट शुरू कर दी। बचाव में वह व छोटा बेटा पहुंचा तो उसे भी पीटा और घर पर पथराव किया।
तहरीर पर पुलिस ने 14 आरोपियों पर बलवा व मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कर घायलों को अस्पताल भेजा। गंभीर रूप से घायल मुनेश को जिला अस्पताल भेजा गया। वहां से उसे हालत नाजुक होने पर हैलट रेफर कर दिया गया। देर रात हैलट में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जानकारी पाकर मां सरिता वती व पत्नी बबली का रो रोकर बुरा हाल है। इधर, घायल की मौत की सूचना पाकर रविवार सुबह पुलिस गांव पहुंची। परिजनों से पूछताछ की और घटना स्थल का निरीक्षण किया। सीओ भोगनीपुर प्रभात सिंह भी पहुंचे। थाना प्रभारी शशिभूषण मिश्र ने बताया कि सभी आरोपी फरार हैं। विवेचना में हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी। आरोपियों की धरपकड़ का प्रयास किया जा रहा है।
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जल्द अस्पताल ले जाते तो बच जाती जान
रूरा। गहोबा गांव में मारपीट में गंभीर रूप से घायल मुनेश को जल्द अस्पताल ले जाते तो जान बच जाती। रात में घटना की सूचना पर पुलिस पहुंची तो परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग शुरू कर दी। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। परिजनों को शांत करने में पुलिस को समय लगा। इस दौरान मुनेश को तुरंत अस्पताल नहीं भेजा जा सका। थाना प्रभारी शशिभूषण मिश्र ने बताया कि घायल को तत्काल अस्पताल भेजने का प्रयास किया गया था लेकिन परिजन हंगामा करने लगे। इसकी वजह से मुनेश को आधे घंटे बाद अस्पताल भेजा जा सका। इस दौरान उसका काफी खून बह गया।
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तीन बार दर्ज करा चुके एससीएसटी केस
रूरा। गहोबा गांव निवासी जगमोहन व उसके पुत्र विजय व मुनेश का गांव में अक्सर विवाद होता रहता था। तीनों ने दो वर्षों में गांव के करीब 12 से अधिक लोगों पर अलग-अलग तीन बार एससीएसटी एक्ट व अन्य धाराओं में केस दर्ज कराए। इसको लेकर गांव के काफी लोग इस परिवार से नाराज हैं।
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