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ड्रग्स के आदी 25 आईआईटीयन, सुर्ती से करते हैं नशे की शुरूआत

Fri, 08 Dec 2017 12:29 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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बिना जांच-पड़ताल के नहीं घुस पाएंगे आईआईटी में
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आईआईटी कानपुर हॉस्टल में ड्रग्स की सप्लाई का खुलासा होने पर जिला प्रशासन और आईआईटी प्रशासन ने बाहरी लोगों के परिसर में रोक के लिए योजना बनाई है। आईआईटी के छात्रों को कैंपस और गेट के बाहर स्थित दुकानों में सुर्ती तंबाकू से लेकर कोकीन तक मिल जाती है। ड्रग्स सप्लाई में आईआईटी के कुछ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी शामिल हैं। ऐसा नहीं है कि आईआईटी प्रशासन को इसकी भनक नहीं है, लेकिन अब हास्टलों में ड्रग्स की सप्लाई बढ़ने और ड्रग्स लेने वाले छात्रों की संख्या में इजाफा होने पर आईआईटी प्रशासन जागा है। अब छात्रों को नशे की लत से बचाने के लिए आईआईटी प्रशासन ने जिला और पुलिस प्रशासन से मदद मांगी है। सूत्रों का कहना है कि आईआईटी प्रशासन को खबर लगी थी कि हास्टल के तमाम छात्र ड्रग्स ले रहे हैं। प्रशासन ने प्रोफेसरों के जरिए गुप्त तरीकेसे इसकी जांच कराई तो 25 ऐसे छात्र सामने आए जो ड्रग्स के आदी हैं। इन्हें चिह्नित किया गया है। प्रशासन को और तमाम छात्रों केबारे में जानकारी मिली है, जो ड्रग्स और प्रतिबंधित दवाओं को सेवन करते हैं।
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सुर्ती से होती शुरूआत 

परिसर में ड्रग्स की सप्लाई का खुलासा होने पर सख्ती
आईआईटी छात्र देर रात तक पढ़ाई करते हैं। इसके लिए वे लोग सुर्ती (तंबाकू) से नशे की शुरूआत करते हैं। छात्र पहले सुर्ती, फिर सिगरेट, बीयर और शराब का नशा करते हैं। इसके बाद सिगरेट में गांजा, चरस, स्मैक भरकर नशा करने लगते हैं। फिर धीरे-धीरे यह लोग ड्रग्स लेने लगते हैं। फिर उसके आदी हो जाते हैं। हालात यह हैं कि आईआईटी में पढ़ने वाले हाईप्रोफाइल परिवार के कई छात्र कोकीन का भी नशा करते हैं। कई तो प्रतिबंधित दवाओं का सेवन भी करते हैं।
 

ऐसे पहुंचता है नशे का सामान

आईआईटी के छात्र सुर्ती से करते हैं नशे की शुरूआत
आईआईटी के छात्रों को नशे का सामान लेने के लिए कहीं भटकना नहीं पड़ता है। सूत्रों के मुताबिक छात्रों को सुर्ती से लेकर चरस, गांजा और स्मैक हास्टलों और गेट बाहर स्थित चायपान की दुकानों में आसानी से उपलब्ध हो जाती है। आईआईटी से सटे मिश्रित आबादी वाले मुहल्ले के कुछ लोग भी छात्रों को ड्रग्स की सप्लाई करते हैं। पुलिस को सूचना यह भी है कि आईआईटी में तैनात कुछ निजी सिक्योरटी गार्ड और चुतर्थ श्रेणी कर्मचारी भी छात्रों को ड्रग्स पहुंचाते हैं। करीब तीन महीने पहले कल्याणपुर पुलिस ने आईआईटी के ही एक निजी सिक्योरटी गार्ड को पकड़ा था। उसकेपास से काफी मात्रा में गांजा बरामद हुआ था। 
 

तस्करों का सुरक्षित रास्ता है पिछला गेट

सुर्ती से लेकर कोकीन तक होती है हास्टलों में सप्लाई
आईआईटी में ड्रग्स सप्लाई करने वालों का सुरक्षित रास्ता है आईआईटी का पिछला गेट। आईआईटी परिसर से नानकारी मुहल्ला सटा है। नानकारी के बाशिंदे कल्याणपुर जीटी रोड आने के लिए आईआईटी का रास्ता अपनाने हैं। नानकारी से आने वाले गेट पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। न ही आने-जाने वाले किसी शख्स की चेकिंग होती है। वहां से लोग बैग और जेब में ड्रग्स लेकर आईआईटी परिसर और हास्टलों में घुस जाते हैं और छात्रों को ड्रग्स सप्लाई कर उसी रास्ते से बाहर निकल जाते हैं। आईआईटी के गेट मुख्य गेट से भीतर जाने पर प्रत्येक व्यक्ति और उसकेसामान की चेकिंग होती है। इसलिए आगे के गेट से कोई भी ड्रग्स या आपत्तिजनक कोई सामान लेकर परिसर में नहीं दाखिल हो सकता है।
 

दुकानों-रेस्टोरेंट पर भी नजर

संस्थान के कुछ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी शामिल
लखनपुर इलाके में एक चाय दुकान में भी बड़ी संख्या में आईआईटी, विश्वविद्यालय और अन्य तकनीकी संस्थानों के छात्र चाय पीने पहुंचते हैं। चर्चा है कि दुकान में नशीला पदार्थ मिलकर चाय बेची जाती है। एक पुलिस अफसर ने इस बात की पुष्टि है। अफसर का कहना है कि दुकान पर पुलिस की नजर है पर अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं की, इसका कोई जवाब पुलिस के पास नहीं। सूत्रों ने यह भी बताया कि आस-पास इलाकों में दर्जनों की संख्या में खुले मैगी प्वाइंट, चाय-पान की दुकानें, रेस्टोरेंट, कल्याणपुर और बिठूर रोड के तमाम रेस्टोरेंट भी इस धंधे में लिप्त हैं।
 
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डॉक्टर के पर्चे के बिना मिलती हैं दवाएं

सूत्रों का कहना है कि आईआईटी प्रशासन को खबर लगी थी कि हास्टल के तमाम छात्र ड्रग्स ले रहे हैं
आईआईटी के आसपास स्थित दवा की दुकानों से डॉक्टर के बिना पर्चे के प्रतिबंधित दवाएं भी मिलती हैं। आईआईटी के छात्र इन्हीं दुकानों में सेटिंग करके प्रतिबंधित दवाएं खरीदकर नशे की लत को पूरा करते हैं। इसकी शिकायत पिछले दिनों एक छात्र ने अफसरों से की थी, लेकिन दुकानदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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