डीजीजीआई के बाद राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने इत्र कारोबारी पीयूष जैन के खिलाफ कस्टम एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करके जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। कन्नौज स्थित आवास से 23 किलो सोना मिला था, जिसमें 12 किलो सोना विदेशी था। इसमें दुबई और स्विट्रजरलैंड की सोना कंपनी के निशान मिले थे। एक सोने की सिल्ली में 2016 भी अंकित है। इस साल ही देश में नोट बंदी की गई थी। यह सिल्ली देसी है।
सूत्रों के अनुसार सोमवार शाम को सोने की सिल्ली मिलने के बाद डीजीजीआई ने औपचारिक रूप से मामला डीआरआई को भेजा था। इसके बाद देर शाम टीम ने कन्नौज में पहुंचकर जांच-पड़ताल की थी। अब डीआरआई ने मामला दर्ज कर लिया है। दुबई और स्विट्जरलैंड के निशान वाली सोने की सिल्ली तस्करी के जरिये ही देश में पहुंचता है।
इन कंपनियों या विदेश का सोना सरकारी चैनल से देश में नहीं आता है बल्कि तस्करी के रास्ते पहुंचता है। तस्करी के सोने की सिल्ली मिलने के बाद डीजीजीआई की टीम ने केस डीआरआई को ट्रांसफर कर दिया है।
सूत्रों ने बताया कि पीयूष के पिता महेश चंद जैन 20 साल से ज्यादा समय तक विदेश में रहे हैं। इस बिंदु पर भी जांच की जा रही है। सूत्रों ने बताया कि कुछ विदेशी सोने की सिल्ली जो दुबई की हैं, वे सऊदी अरब की कंपनी इंटरनेशनल प्रेशस मेटल रिफाइनरी की हैं। इसकी शाखा दुबई में भी है।