डाॅक्टराें काे धरती का भगवान कहा जाता है पर कभी-कभी इनसे भी गलती हाे ही जाती है। एेसा ही कुछ हुअा हरदाेई के एक प्राइवेट अस्पताल में जब अाॅपरेशन के बाद चिकित्सकों ने महिला की बच्चेदानी में पट्टी छाेड़ दी। महिला कई दिनाें बाद भी जब दर्द से राहत नहीं मिली तब घटना का खुलासा हुअा।
हरदाेई के एक प्राइवेट अस्पताल के चिकित्सकों की लापरवाही से एक महिला की जान पर बन आई। छह माह पूर्व प्रसव के दौरान किए गए ऑपरेशन में डाक्टर ने सफेद रंग की पट्टी बच्चेदानी मेें ही छोड़ दी थी।
बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के ग्राम बरखेरा निवासी अनिल कुमार की पत्नी संगीता (27) ने छह माह पूर्व गर्भावस्था में स्टेशन रोड स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में ऑपरेशन कराया था। अनिल ने बताया कि कुछ दिन तक संगीता स्वस्थ रही लेकिन इसके बाद आए दिन पेट दर्द रहने लगा। इसके अलावा रक्तस्नाव होने लगा।
अनिल ने पत्नी को जिला चिकित्सालय के सर्जन डॉक्टर अशोक प्रियदर्शी को दिखाया। विभिन्न जांचों में बच्चेदानी में समस्या की बात सामने आई। शुक्रवार को डॉक्टर अशोक प्रियदर्शी ने संगीता का ऑपरेशन किया तो बच्चेदानी में पट्टी का पूरा पैकेट ही अंदर से निकला।
पट्टी के सड़ने के कारण बच्चेदानी में इंफेक्शन फैल गया था। डॉक्टर प्रियदर्शी ने बताया कि महिला की बच्चेदानी निकालनी पड़ी। फिलहाल वह स्वस्थ है। जिस डॉक्टर ने उसका ऑपरेशन किया था उसने बड़ी लापरवाही की। अनिल कुमार का कहना है कि वह संबंधित प्राइवेट अस्पताल के विरुद्ध न्यायालय में वाद दर्ज कराएगा।