रसोई घर में मिडडे मील बनता नहीं मिला। दूध के बारे में प्रधानाध्यापक ने बताया कि दूध मंगवाएंगी। डीएम ने बच्चों को 150 एमएल दूध नापकर देने को कहा। स्कूल में पंजीकृत 133 बच्चों के सापेक्ष 62 बच्चे मिले। शौचालय व पीने के पानी की टोंटी में गंदगी मिलने पर प्रधानाध्यापक पदमा जब सफाई देने लगीं तो डीएम ने लताड़ लगाते हुए कहा काम कम करतीं, बोलती ज्यादा हो, सस्पेंड कर दूंगा।
दोबारा निरीक्षण में खामियां न मिलें। बीएसए गौतम प्रसाद से कहा कि आपके कार्यालय के विद्यालय की जब यह हालत है तो अन्य विद्यालयों का क्या होता होगा। मिडडे मील गुणवत्ता ठीक रखने को कहा। सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देशित करें कि एक दिन पहले ही मिडडे मील के लिए सब्जी व दूध आदि खरीदवा लें। साथ ही कार्यालय परिसर में पड़ी जगह पर पौधरोपण करवाने के निर्देश दिए।