फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: गुरुशरणम् होटल का मुद्दा पहुंचा हाईकोर्ट, बैंक ने ऋण अदा करने के संबंध में दायर की रिट, पढ़ें पूरा मामला

Tue, 06 Feb 2024 03:52 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद

सार

Farrukhabad News: गुरुशरणम् होटल निर्माण के लिए स्टेट बैंक की शाखा ठंडी सड़क से करीब 90 लाख रुपये ऋण लिया गया था। इस लोन की रिकवरी के लिए बैंक ने हाईकोर्ट में रिट दायर की है।
विज्ञापन
बसपा नेता का होटल ध्वस्त (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

फर्रुखाबाद जिले में ठंडी सड़क स्थित स्टेट बैंक ने बसपा नेता अनुपम दुबे के होटल गुरुशरणम् पर ऋण अदा करने के लिए हाईकोर्ट का सहारा लिया है। प्रशासन ने अक्तूबर में ही होटल का ध्वस्तीकरण करा दिया था। मलबे की नीलामी में ध्वस्तीकरण का खर्च भी नहीं निकल सका था।

विज्ञापन

फतेहगढ़ के मोहल्ला कसरट्टा निवासी बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे आजीवन कारावास की सजा के चलते जनपद मथुरा की जेल में बंद है। उनका शहर की ठंडी सड़क स्थित होटल गुरुशरणम् सरकारी भूमि पर बना होने से प्रशासन ने अक्तूबर 2023 में जेसीबी से ध्वस्त करा दिया था।

होटल निर्माण के लिए स्टेट बैंक की शाखा ठंडी सड़क से करीब 90 लाख रुपये ऋण लिया गया था। इसकी किस्तें अदा हो रही थीं। अक्तूबर में ध्वस्तीकरण होने के बाद बैंक अधिकारी हरकत में आए और ऋण अदायगी की औपचारिकता पूरी करने के लिए प्रशासन को पत्र भी सौंपा।

ऋण अदा करने के संबंध में रिट दायर की गई
नवंबर 2023 में होटल के मलबे की 12.50 लाख रुपये नीलामी हुई। इससे अधिक खर्च ध्वस्तीकरण पर होने से वह भी अदा नहीं हो सका। बैंक का ऋण अदा न हो पाने पर आखिरकार पूरी पत्रावली लखनऊ मुख्यालय भेज दी गई। बताया जा रहा है कि बैंक शाखा की ओर से ऋण अदा करने के संबंध में रिट दायर की गई है।

ऋण का पूरा विवरण गारंटर सहित मांगा
वहीं विनियमित क्षेत्र के जेई डीके सिंह ने बताया कि बैंक की ओर से उन्हें भेजे गए पत्र में गुरुशरणम् होटल से निकली सामग्री जनरेटर, एसी, झूमर, पंखे आदि नीलाम कर रुपये जमा करने को कहा गया है। इस पर उन्होंने ऋण का पूरा विवरण गारंटर सहित मांगा है।
विज्ञापन

याचिका संबंधी कार्रवाई मुख्यालय स्तर से हो रही
बैंक प्रबंधक नवल किशोर अग्रवाल ने बताया कि ऋण संबंधी सभी पत्रावली मुख्यालय लखनऊ भेज दी गई हैं। याचिका संबंधी कार्रवाई मुख्यालय स्तर से हो रही है। इस संबंध में वह नियमानुसार कुछ भी जानकारी नहीं दे सकते।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें