भाजपा ने कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की जिला पंचायत अध्यक्ष की कुल 14 में 13 सीटों पर जीत हासिल की है। क्षेत्र की अकेली एक इटावा की सीट समाजवादी पार्टी के खाते में गई है। कानपुर देहात सीट से सांसद देवेंद्र सिंह भोले की वधू नीरज रानी ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था।
चुनाव परिणाम आने के बाद कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह की तरफ से प्रदेश को भेजी गई सूची में नीरज रानी को भी भाजपा का बताया है। इटावा छोड़कर बाकी सभी सीटों पर जीत से भाजपा काफी उत्साहित है। पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने जिस तरह से जीत का जश्न मनाना शुरू किया है, उससे साफ है कि भाजपा इसे 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए अच्छा संकेत मान रही है।
क्षेत्र की इन 13 सीटों में पार्टी चार सीटों (बांदा, चित्रकूट, ललितपुर और झांसी) पर पहले ही निर्विरोध हो चुकी थी। इससे पहले के कार्यकाल में भाजपा सिर्फ एक जिले फतेहपुर में अपना अध्यक्ष बनवा पाई थी। एक से सीधे 13 स्थानों पर जीत के पीछे भाजपा की रणनीति के साथ-साथ लोग इसे सत्ता की भी रणनीति बता रहे हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के ठीक दो दिन पहले तक पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव और क्षेत्रीय अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह ने हर जिले में जाकर संगठन की बैठक के साथ ज्यादा से ज्यादा सदस्यों को अपनी ओर खींचने की जो रणनीति बनाई थी, वह सफल हो गई।
इन जिलों में भाजपा को मिली जीत
कानपुर नगर, कानपुर देहात, बांदा, चित्रकूट, ललितपुर, झांसी, हमीरपुर, महोबा, औरैया, फतेहपुर, कन्नौज, फर्रुखाबाद, जालौन