शाम के समय दक्षिण दिशा की ओर दीप जलाने से परिवार के सदस्यों की अकाल मृत्यु और दुर्घटनाओं से रक्षा होती है। इस धनतेरस पर सुबह आठ से दस बजे के बीच खरीदारी करना सबसे शुभ समय होगा।
धन त्रयोदशी के दिन लक्ष्मी का प्रकाट्य हुआ और उसी दिन अमृत कलश लेकर धन्वंतरि का प्रकाट्य माना जाता है। इसी के चलते मनुष्य अपने घर में सोना-चांदी या सामर्थ्य के अनुसार वस्तुओं को खरीदता है।
विज्ञापन
पं. केए दुबे पद्मेश ने बताया कि शाम को घर के मुख्य दरवाजे पर एक पात्र में अन्न रखें। उसके ऊपर दक्षिण मुखी दीप जलाकर निरोगी होने की कामना करें। यह दीप यमराज के लिए होता है। मंगलवार को द्वादशी सुबह 11:32 बजे तक है।
दूसरे दिन त्रयोदशी है जो सुबह 9:03 बजे तक रहेगी। इस कारण सुबह 11:32 बजे के पश्चात अनेक मुहूर्त हैं, जिनमें आप अपनी मन पसंद वस्तुओं को खरीद सकते हैं। पं. मनोज द्विवेदी ने बताया कि धनतेरस पर त्रिपुष्कर योग बन रहा है। जो कि शुभ संयोग है।
विज्ञापन
इस योग में किया गया काम तीन गुना फल देता है। शेयर बाजार में भी लाभ पा सकते हैं। सूर्य, मंगल और बुध ग्रह धनतेरस के दिन तुला राशि में गोचर करेंगे। बुध और मंगल मिलकर एक धन योग का निर्माण करते हैं।
सूर्य-बुध की युति से बुधादित्य योग का निर्माण होगा। पं. पवन तिवारी ने बताया कि शाम के समय दक्षिण दिशा की ओर दीप जलाने से परिवार के सदस्यों की अकाल मृत्यु और दुर्घटनाओं से रक्षा होती है। इस धनतेरस पर सुबह आठ से दस बजे के बीच खरीदारी करना सबसे शुभ समय होगा।