पिता प्रवीर सिंह ने यह कॉपी दी
विक्रमजीत ने बताया कि कमीशन कॉपी सील बंद लिफाफे में केंद्र तक पहुंचती है। इसमें परीक्षार्थी का नाम रोल नंबर आदि लिखा रहता है। इसमें परीक्षार्थी से कुछ भी लिखवाया जाता है, ताकि फाइनल चयन के दौरान हैंडराइटिंग का मिलान कराया जा सके। परीक्षार्थी ने पूछताछ में बताया कि उसके पिता प्रवीर सिंह ने यह कॉपी दी है।
जिस प्रिंटिंग प्रेस में छपी कमीशन कॉपी, उसी में काम करता है पिता
परीक्षार्थी ने पूछताछ में बताया कि पिता एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करते हैं। प्रिंटिंग प्रेस में दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा की कमीशन कॉपी प्रिंट हुई थी। उसने पिता से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर प्रिंट लाने को कहा था पर भूलवश वह कमीशन कॉपी को ही प्रवेश पत्र समझकर प्रिंट ले आए। पुलिस विवेचना के दौरान परीक्षार्थी के पिता को भी आरोपी बनाया जा सकता है।
अभ्यर्थी के पास जो अतिरिक्त कमीशन कॉपी मिली है, वह नकल सामग्री नहीं है लेकिन उसके पिता ने नियम विरुद्ध उसका प्रतिरूपण तैयार किया था। इस आरोप के चलते परीक्षार्थी पर धोखाधड़ी व प्रतिरूपण करने की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। -योगेश सिंह, थानाध्यक्ष, सचेंडी