कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ने शुक्रवार को नेफ्रोलॉजी (गुर्दा रोग) और क्रिटिकल केयर मेडिसिन (गहन चिकित्सा) में सुपर क्वालीफिकेशन डिग्री कोर्स शुरू करने की तैयारियां शुरू की हैं। इन कोर्सों के लिए नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (एनबीई) में आवेदन की प्रक्रिया शुरू की है। इसके तहत चिकित्सा शिक्षा विभाग की तरफ से नियुक्त किए गए क्रिटिकल केयर मेडिसिन के दो सहित चार विभागों में छह असिस्टेंट प्रोफेसरों ने कार्यभार संभाल लिया।
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध मल्टी सुपर स्पेशियलिटी एंड पीजीआई के नोडल अधिकारी एवं न्यूरोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष सिंह ने बताया कि प्रदेश में सिर्फ एसजीपीजीआई में ही क्रिटिकल केयर मेडिसिन में सुपर स्पेशलाइजेशन कोर्स है। यहां क्रिटिकल केयर मेडिसिन में सिर्फ एक विशेषज्ञ डॉ. ज्ञानेंद्र हैं। अब इस विभाग में दो असिस्टेंट प्रोफेसर भी आ गए हैं। इसलिए इस विभाग में दो सीटों से सुपर स्पेशलाइजेशन कोर्स शुरू करने के लिए एनबीई से अनुमति मांग रहे हैं।
नेफ्रोलॉजी विभाग में डॉ. समीर गोविल और डॉ. युवराज गुलाटी कार्यरत हैं। शुक्रवार को इसी विभाग में एक असिस्टेंट प्रोफेसर ने कामकाज शुरू कर दिया। इस विभाग में भी डॉक्टर एमडी नेफ्रोलॉजी (सुपर क्वालीफिकेशन) की दो सीटें शुरू करने की अनुमति मांगी जा रही है। प्लास्टिक सर्जरी और न्यूरोलॉजी में असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति इन विभागों में अनुसंधान और नई उपचार पद्धतियों के विकास को भी गति प्रदान करेगी। नगर और आसपास के जिलों के मरीजों को भी इससे इलाज में सहूलियत मिलेगी।
न्यूरो सर्जरी सहित तीन कोर्सों की मिल चुकी है अनुमति
कॉलेज में न्यूरो सर्जरी, न्यूरोलॉजी और गेस्ट्रो मेडिसिन सुपर स्पेशलाइजेशन कोर्स की अनुमति पहले ही मिल चुकी है। जल्द ही मरीजों को भी इसका फायदा मिलेगा।