कोर्ट से बाहर निकलता हत्यारा अजय कुमार
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एकतरफा प्यार में कक्षा 10 की छात्रा निशा को घर में घुसकर गोली से उड़ा देने के दोषी अजय कुमार कोरी (35) को जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार की अदालत से फांसी की सजा सुनाई गई है। अभियुक्त पर 1.15 लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।
मामले में अजय कुमार की पत्नी गीता देवी, मां राधा देवी व भाई विजय को न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन के अनुसार, ग्राम एरवाटिकुर निवासी रामप्रताप अवस्थी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 10 अक्तूबर 2014 की शाम साढ़े छह बजे वह घर में बात कर रहा था।
उसकी पुत्री निशा (14) आंगन में पढ़ रही थी। उसी समय पड़ोसी अजय कुमार पुत्र रामनरेश घर में घुस आया और निशा के सीने में तमंचे से गोली मार दी जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
इस बीच अजय कुमार की मां, भाई व पत्नी ने वहां आकर उसे भगा दिया। रामप्रताप का कहना था कि अजय कुमार उनकी पुत्री निशा को स्कूल आने-जाने में परेशान करता था।