इसके बाद में महिला के मजिस्ट्रेटी बयान के आधार पर दोनों आरोपियों पर सामूहिक दुष्कर्म की धारा बढ़ाई गई थी। पिता पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद शंकर की बेटी ने अपने ही चाचा शिकायतकर्ता महिला के पति जगतू पर दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 20 मार्च को पुलिस ने शंकर और शिवा को जेल भेज दिया था।
जेल वार्डर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे
वहीं, जगतू को तीन दिन बाद जेल भेजा गया था। तीनों आरोपी जेल में थे। इसमें शिवा रावत सात मई को जमानत पर छूटकर बाहर आ गया था। शंकर और उसका छोटा भाई जगतू जेल में ही थे। बुधवार सुबह करीब सात बजेर शंकर की अचानक हालत बिगड़ गई। जेल वार्डर राजीव कुमार व रामसेवक उसे जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लाए।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
करीब आधे घंटे बाद 7:20 पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। पति की मौत से पत्नी नीरज, बेटा सूबेदार, बेटी और मां रामदुलारी बेहाल हैं। जेलर अमरदीप सिंह ने बताया कि शंकर का गैस की बीमारी का इलाज चल रहा था। अचानक उसकी हालत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया था। वहां इलाज के दौरान मौत हुई है।