इसके बाद भी बवाल न थमने पर शिवली थाना प्रभारी व रनियां थानाध्यक्ष समेत पांच पुलिसकर्मियों, एक डॉक्टर समेत सात लोगों पर हत्या, धमकी, गालीगलौज आदि की धारा में रिपोर्ट दर्ज की थी। हत्या की रिपोर्ट दर्ज होने की खबर लगते ही सभी आरोपी अपने-अपने तैनाती स्थल से भाग गए थे।
इस दौरान आरोपी तत्कालीन रनियां थानाध्यक्ष ने मातहत दरोगा को सरकारी मोबाइल का सिम तो थमा दिया, लेकिन सरकारी पिस्टल लेकर भाग गए। शिवली थाना प्रभारी ने अपने नाम सरकारी रिवॉल्वर नहीं लिया था। इसलिए वह सरकारी मोबाइल सिम मातहत को देकर भाग गए।
रनियां थाने के कार्यवाहक थानाध्यक्ष प्रभाकर यादव ने बताया कि हत्यारोपी शिव प्रसाद सिंह सरकारी रिवाल्वर अपने साथ ले गए हैं। वो बिना किसी को बताए ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। बिना सूचना के ड्यूटी से गायब होने पर उनकी गैर हाजिरी की रिपोर्ट लिखी गई है।
वहीं, शिवली थाने के कार्यवाहक थाना प्रभारी अब्दुल कलाम ने बताया हत्यारोपी तत्कालीन थाना प्रभारी राजेश कुमार सिंह बिना किसी सूचना के ड्यूटी से गायब हैं। उनकी भी गैर हाजिरी की रिपोर्ट लिखी गई है। साथ ही, मैथा चौकी प्रभारी ज्ञान प्रकाश पांडेय व एसओजी सिपाही महेश भी बिना बताए ड्यूटी से गायब हैं।
हत्यारोपी पुलिसकमियों के आत्मसमर्पण की सूचना पर पुलिस ने जमाया डेरा
रनियां थाने में व्यापारी बलवंत सिंह की पीट-पीटकर हत्या करने के आरोपी पुलिसकर्मियों के अदालत में आत्मसमर्पण करने की संभावना के चलते कचहरी में गुरुवार को दिन भर गहमा गहमी रही। आरोपियों को दबोचने के लिए पुलिस कर्मी वर्दी व सादे कपड़ों में डटे रहे।
नकाबपोश लोग कचहरी परिसर में दाखिल हुए, तो पुलिस कर्मी आरोपी पुलिस कर्मी समझ बैठे और अलर्ट हो गए। व्यापारी की हत्या में आरोपी एक पुलिसकर्मी के सरेंडर अर्जी देने की चर्चा रही, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई।
बलवंत की मौत के बाद से आरोपी पुलिसकर्मी फरार हो गए थे।
इन्हें दबोचने के लिए एसपी ने पुलिस की छह टीमें गठित की। इनमें तीन पुलिस टीम कानपुर नगर, दिल्ली व प्रयागराज रवाना हुई थी। इधर, पुलिस का दबाव बढ़ने पर आरोपी पुलिसकर्मी घरों से भाग गए। आरोपी पुलिसकर्मियों में कुछ के अदालत में सरेंडर करने की संभावना के चलते दिन भर पुलिस प्रशासन अलर्ट रहा।
पुलिस की टीमें कचहरी में डेरा डाले रहीं। शाम तक एक भी आरोपी पुलिसकर्मी वहंां नहीं पहुंचा, तो पुलिसकर्मी बैरंग लौट गए। कचहरी में यह भी चर्चा रही कि एसओजी में तैनात आरोपी एक पुलिसकर्मी ने अदालत में आत्मसमर्पण की अर्जी दी, लेकिन इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी।