कानपुर लोको शेड में तैयार इस इंजन की वजह से मिला मंडल में दूसरा स्थान
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कानपुर लोको शेड के इंजन को मिला था दूसरा स्थान
फिर ट्रेक्शन के वीपी सिंह ने सभी प्रविष्टियों को देखकर प्रथम तीन सर्वश्रेष्ठ शेड को सम्मानित किया। पहला स्थान लालागुड़ा, दूसरा कानपुर और तीसरा स्थान विशाखापत्तनम शेड के रेल इंजन को मिला। वरिष्ठ मंडल बिजली इंजीनियर राहुल त्रिपाठी ने जीत की ट्राफी लेकर सभी को बधाई दी। कहा कि पिछले साल भी कानपुर लोको शेड के इंजन को दूसरा स्थान मिला था।
20 दिन में पुराने इंजन को बनाया आधुनिक
आधुनिक सेंसर के साथ चालकों को आराम मिलेगा और ट्रेन परिचालन में आसानी होगी। इलेक्टि्रक वाइपर, आटोमेटिक साइड विंडो, सुविधाजनक कैब डेस्क की भी व्यवस्था है। चालक पूरी एकाग्रता से ट्रेन परिचालन कर सकेंगे। उन्हें बार-बार उठने की जरुरत नहीं होगी। चालक कैब पर ही सभी इंडीकेटर्स को लाने से उन्हें यात्रा का ब्योरा ऑटोमेटिक मिलेगा।
कई तरह की खूबियां, सेंसर, अलार्म सिस्टम
इंजन में पीले रंग की पेंटिंग, कार जैसे हैंडल और लिडार सेंसर लगे हैं। यह चालक को धुंध में भी अतिरिक्त दृश्यता देंगे। पशु, ट्रैक्टर-ट्राली या कोई अवरोध, आग लगने पर अलर्ट मिलेगा। ट्रैक्शन मोटर में कोई चीज फंसने पर तत्काल अलार्म, दरवाजे लॉक करने में सेंसर का प्रयोग होगा। छत पर लगा कैमरा चालक की संदिग्ध गतिविधियां बताएगा। इंजन के नीचे की स्थिति कैमरे से देख सकते हैं। चालक स्क्रीन पर छूते ही स्टेशन से गुजरने का समय रिकार्ड कर सकेंगे।