अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने अपराध करने के तरीके के बारे में जानकारी दी। एएसपी ने बताया कि अभियुक्त मनोज कुमार व मुकदमा के वादी सूरज कानपुर में एक ही कमरे में बतौर किराएदार रह रहे थे।
अभियुक्त मनोज कुमार ने सूरज के पेटीएम का आईडी व पासवर्ड चुरा लिया था। उसे जानकारी थी कि उसके खाते में काफी रुपये है। जिस पर उसके मन में लालच आ गया और उसके खाते से रुपये निकालने की फिराक में लग गया। जिस पर उसने अपने साथी विनय, वरुण व रवि संखवार से संपर्क किया।
उनसे साइबर अपराध की ट्रेनिंग लेते हुए निशा निवासी पहाड़पुर जनपद सुल्तानपुर के बैंक का खाता नंबर लेकर उस खाते में अभियुक्त मनोज ने 99,750 रुपये ट्रांसफर कर लिए। इसके उपरांत तीनों अभियुक्त द्वारा जनसेवा केंद्र दरगवां अकबरपुर गए।
यहां विनय द्वारा निशा के बैंक खाते से 99,750 रुपये मरचेंट वॉलेट के जरिए जनसेवा केंद्र के खाते में स्थानांतरित की। इसमें अभियुक्त वरुण के मोबाइल का प्रयोग किया गया। उपरोक्त अभियुक्तगणों द्वारा उपरोक्त धनराशि को आपस में बांट लिया गया। इनका एक साइबर अपराध का संगठित गिरोह है।