डीसीपी ट्रैफिक ने मामले की जांच एडीसीपी ट्रैफिक को दी। जांच में ट्रैफिक इंस्पेक्टर पूर्वी की रिपोर्ट भी शामिल की गई। आसपास के लोगों के बयान लिए गए। कंट्रोलरूम से सूचना का समय मांगा गया। ये समय शाम 4:20 से 5:20 बजे तक का आया। इससे हादसे का वास्तविक समय नहीं पता चला। इस वजह से फाइल बंद कर दी गई है।
बाल की खाल उधेड़ती रही पुलिस
हादसे के दिन आईटीएमएस और स्मार्ट सिटी के तहत नरौना चौराहे पर लगाए गए कैमरे बंद थे। इससे हादसे की फुटेज नहीं मिली। अगर सीसीटीवी फुटेज मिल जाती तो हादसे का समय स्पष्ट हो जाता। उधर, पुलिस की जांच में सामने आया कि बाइक चला रहे सौरभ के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। यह बताकर भी पुलिस में मामले को कमजोर करने की कोशिश की।
जांच में हादसे का समय स्पष्ट नहीं हो सका। इसलिए जांच परिणाम तक नहीं पहुंच सकी। दो बार तथ्यों को जुटाया गया। अब फाइल बंद कर दी गई है। जांच रिपोर्ट अफसरों को भेज दी गई है।
निखिल पाठक, पूर्व एडीसीपी ट्रैफिक