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सीएसजेएमयू दीक्षांत: कुलाधिपति आनंदी बेन बोलीं- ग्राम प्रधानों का मार्गदर्शन करें विवि और कॉलेज

Wed, 29 Dec 2021 12:56 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

सीएसजेएमयू दीक्षांत में कुलाधिपति स्वर्ण पदक समेत पांच पदक से गुलिस्तां नाज को सम्मानित किया गया। 56 छात्र-छात्राओं को 86 पदकों से सम्मानित किया गया।
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सीएसजेएमयू दीक्षांत समारोह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गांवों के कई काम ऐसे हैं, जिनके लिए बजट की आवश्यकता नहीं है। विवि, कॉलेज ग्राम प्रधानों का सही मार्गदर्शन करें तो वे बेहतर तरह से काम कर सकते हैं। ये बातें छत्रपति शाहू जी महाराज विवि में आयोजित 36वें दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति और राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहीं। 
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राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश भर में 50 हजार से अधिक शिक्षण संस्थान हैं, अगर हर कॉलेज एक गांव भी गोद ले तो बहुत कम समय में गांवों की सूरत बदल जाएगी। कुलाधिपति ने विवि में छात्राओं की प्रगति रिपोर्ट पर खुशी जाहिर की। इस बार दीक्षांत में 233702 विद्यार्थियों को उपाधियां दी गईं।

इनमें 126895 छात्राएं हैं। उन्होंने कहा कि इतनी संख्या में छात्राओं को उपाधियां मिलना गर्व का विषय है। यह संख्या निरंतर बढ़ती रहनी चाहिए। उन्होंने बताया कि जब 1964 में बीएससी किया था, उस समय यूनिवर्सिटी में मात्र चार लड़कियां थीं और जब एमएड किया तो उस समय वह यूनिवर्सिटी में अकेली थीं। कहा, आज तो कृषि क्षेत्र में भी लड़कियां आगे आ रही हैं। कॉलेज मलिन बस्तियों की छात्राओं की शिक्षा पर फोकस करें।
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मेडिकल सुविधाओं में अंतिम पायदान पर यूपी
कुलाधिपति ने कहा कि मेडिकल सुविधाओं को लेकर सर्वे हुआ है, इसमें यूपी अंतिम नंबर पर है। यह चिंता योग्य विषय है। केरल पहले नंबर पर और बिहार भी हमसे आगे है। मेडिकल सुविधाओं का सुदृढ़ करने के लिए सीएम योगी काफी मेहनत कर रहे हैं। हम सबको उनका सहयोग करना है। इसमें विवि और संस्थानों की मदद ली जा सकती है।

शत प्रतिशत प्रसव अस्पतालों में हों, हर गांव-जिला टीबी मुक्त हो, एनीमिया दूर हो और सरकारी योजनाओं की जानकारी गांव के हर घर तक पहुंचे, इसके लिए विवि और कॉलेज स्तर से प्रयास होने चाहिए। छात्राओं के हीमोग्लोबिन की निरंतर जांच होनी चाहिए। हीमोग्लोबिन कम मिलने पर अभिभावकों को बुलाकर उनके स्वास्थ्य के प्रति आगाह करें। ग्राम प्रधान गांव को टीबी-कुपोषण मुक्त करने की शपथ लें। अगर ऐसा हुआ तो अंतिम पायदान पर खड़ा यूपी केरल से भी आगे निकल जाएगा। 
  
महिलाओं को आगे बढ़ा रहे स्वयं सहायता समूह 
राज्यपाल ने कहा कि स्वयं सहायता समूह महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने महोबा की यास्मीन बानो का उदाहरण देते हुए कहा कि उनको पहले घर से बाहर नहीं निकलने दिया। बिजली सखी बनने के बाद अब वह घर का खर्च चला रही हैं। जो ग्रामीण लड़कियां आगे आना चाहती हैं, वे स्वयं सहायता समूह से शुरुआत करें।

बरसे पदक तो मेधावियों के चेहरे गए दमक
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के 36वें दीक्षांत समारोह में 56 छात्र-छात्राओं को 86 पदक दिए गए। इनमें 37 छात्राएं और 19 छात्र हैं। सर्वाधिक अंक पाने वालीं गुलिस्तां नाज को एक कुलाधिपति स्वर्ण पदक, दो कुलाधिपति रजत पदक, कुलपति स्वर्ण पदक समेत पांच पदक मिले। 

समारोह की अध्यक्षता कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने की। मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी, विशिष्ट अतिथि राज्यमंत्री नीलिमा कटियार रहीं। डॉ. सुधांशु को कुलाधिपति ने मानद उपाधि देकर सम्मानित किया। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने विवि की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। कहा, अगले साल तक विवि भी आईआईटी की तरह ब्लॉकचेन पद्धति पर डिग्रियां देगा। डिजिलॉकर की मदद से अब आठ लाख छात्र मार्कशीट और 2.51 लाख छात्र अपनी डिग्री ऑनलाइन ले सकेंगे। अभी तक प्रदेश के किसी विवि में ऐसा नहीं है। तीन माह में छात्रोें जुड़ीं सभी सुविधाएं ऑनलाइन कर दी जाएंगी। 

इसके बाद कुलाधिपति ने मेधावियों को एक कुलाधिपति स्वर्ण पदक, दो कुलाधिपति रजत पदक, 23 छात्रों को 13 कुलाधिपति कांस्य पदक, 10 कुलपति स्वर्ण पदक और 48 प्रायोजित स्वर्ण पदक दिए। पहली बार पीएचडी के 45 अभ्यर्थियों को मंच पर उपाधि दी गई। अभी तक पीएचडी अभ्यर्थियों को शपथ दिलाई जाती थी। कुलाधिपति ने बाघपुर इंटर कॉलेज के 25 बच्चों को बैग व अन्य उपहार सामग्री दी। विवि के यूआईईटी के छात्रों द्वारा तैयार किशोरी एप लांच किया। पत्रकारिता विभाग के छात्रों द्वारा पद्मश्री विजेताओं पर तैयार पुस्तक का विमोचन किया। इस दौरान डिजिटल लॉकर का भी शुभारंभ किया। इस मौके पर डॉ. वंदना पाठक, रजिस्ट्रार डॉ. अनिल कुमार यादव, प्रो. संजय स्वर्णकार, प्रो. सुधांशु पांड्या, डॉ. संदीप सिंह, डॉ. बृजेश कटियार, डॉ. प्रवीण कटियार, डॉ. विवेक सचान, विनय त्रिवेदी आदि मौजूद रहे। 

इनको मिले पदक
गुलिस्तां नाज - कुलाधिपति स्वर्ण पदक, दो कुलाधिपति रजत पदक, कुलाधिपति कांस्य पदक, कुलपति स्वर्ण पदक
सक्षम भाटिया - कुलपति स्वर्ण पदक, कुलाधिपति कांस्य पदक, श्री हीरा लाल खन्ना स्वर्ण पदक
हर्षित कुमार - कुलपति स्वर्ण पदक, कुलाधिपति कांस्य पदक
शिवजी मिश्र - कुलपति स्वर्ण पदक, कुलाधिपति कांस्य पदक
दिव्यांशी तिवारी - कुलपति स्वर्ण पदक, कुलाधिपति कांस्य पदक
अंकित कुमार - कुलपति स्वर्ण पदक, कुलाधिपति कांस्य पदक
आयुषी मेहरोत्रा - कुलपति स्वर्ण पदक, कुलाधिपति कांस्य पदक, श्री सरदार इंदर सिंह स्वर्ण पदक, डॉ. एसएम शुक्ल स्वर्ण पदक
अमन कुमार - कुलपति स्वर्ण पदक, कुलाधिपति कांस्य पदक
साक्षी त्रिपाठी - कुलपति स्वर्ण पदक, श्री रामचंद्र मुसद्दी स्वर्ण पदक
दीपिका पाठक - कुलपति स्वर्ण पदक

इनको मिले कुलाधिपति कांस्य पदक
रजनी, लक्ष्मी, प्रवीण सिंह, इशिका सिंह, सतेंद्र कुमार सिंह, सायना बानो, खुशवेंद्र सिंह, तेजस्वनी दीक्षित, शिवांगी सक्सेना, नरविजय सिंह, अतिया रहमान, ईशानी द्विवेदी, आयुषी सिंह, ब्रह्म कुमार दुबे, सूरज कुमार।
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