चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में दागी शिक्षकों को भी प्रमोशन दिया जा रहा है। जिन शिक्षकों के खिलाफ धोखाधड़ी, चार सौ बीसी सरीखे मामले दर्ज हैं, उन्हें भी इंटरव्यू के लिए बुलाया गया है। इस पर विश्वविद्यालय के ही शिक्षकों ने सवाल खड़े किए हैं। राज्यपाल राम नाईक से शिकायत करके कहा है कि इटावा इंजीनियरिंग कॉलेज के एक ऐसे शिक्षक को प्रमोशन दिया जा रहा है, जिस पर शासन की रोक है। मुकदमा होने की स्थिति में प्रमोशन नहीं किया जा सकता। यह बात कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी स्वीकार की है लेकिन प्रमोशन की कार्रवाई रोकी नहीं है।
यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) के कॅरियर एडवांसमेंट स्कीम (कैश) के तहत कृषि विश्वविद्यालय के शिक्षकों के प्रमोशन किए जा रहे हैं। इसको लेकर लखनऊ में 12 दिसंबर से इंटरव्यू चल रहे हैं। बुधवार को इंटरव्यू खत्म होगा, इससे पहले ही दागियों को प्रमोशन दिए जाने का मामला गरमा गया है। राजभवन को जो शिकायत भेजी गई है, उसके मुताबिक डॉ. मुकेश श्रीवास्तव के खिलाफ दूरस्थ शिक्षा घोटाले में मुकदमा दर्ज है। आंध्र प्रदेश पुलिस विवेचना कर रही है। एक बार गैर जमानती वारंट जारी हो चुका है। इसके बावजूद डॉ. मुकेश श्रीवास्तव को प्रोफेसर बनाया जा रहा है। डॉ. विजय कुमार यादव और डॉ. राम प्यारे के खिलाफ सतर्कता जांच चली है। मुकदमा भी दर्ज है। सतर्कता विभाग की जांच में पता चला था कि नियुक्ति में अनियमितता बरती गई थी। अब इस जांच और मुकदमे को पीछे रखकर प्रमोशन देने का काम किया जा रहा है। डॉ. जेपी यादव के खिलाफ इटावा में मुकदमा दर्ज है। इनकी नियुक्ति को भी सतर्कता विभाग ने अनियमित बताया था। इसको लेकर 30 मार्च 2009 में तत्कालीन विशेष सचिव सच्चिदानंद दुबे ने एक आदेश भी दिया था। साफ कहा था कि कॅरियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत डॉ. जेपी यादव को प्रमोशन न दिया जाए। इस पर रोक लगाकर नियम, कानून का अध्ययन कराया जाए। अब इन्हीं को प्रोफेसर बनाने की तैयारी की जा रही है। शिकायत में कहा गया है कि जिनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज है। उनका प्रमोशन नहीं हो सकता है।
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राजभवन से जो एक्सपर्ट पैनल मिला है, वही इंटरव्यू कर रहा है। मुकदमे की जानकारी नहीं है। जिनके खिलाफ मुकदमा होता है, उन्हें प्रमोशन नहीं दिया जा सकता है। संबंधित शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा है, इसकी जानकारी नहीं थी। अब मामले का संज्ञान लिया जाएगा। जिनके खिलाफ मुकदमा है, उनके प्रमोशन पर नए सिरे से सोचा जाएगा।
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन एंड मानीटरिंग