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एक्साइस और सर्विस विभाग का सेटलमेंट मामलों में दखल नहीं

Wed, 31 Dec 2014 02:28 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
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उत्पाद शुल्क एवं सेवा कर विभाग से जुड़े विवादित मामलों के लिए केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड ने महत्वपूर्ण व्यवस्था की है। इसके तहत इस तरह के सभी मामलों में विभाग किसी प्रकार का निर्णय नहीं लेगा।
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इन मामलों को कॉल बुक में दर्ज किया जाएगा और सेटलमेंट कमीशन का फैसला आने के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी। सेवा कर और एक्साइज में विवादित मामलों के लिए सेटलमेंट कमीशन की व्यवस्था होती है।

करदाता अपने ऊपर निकाली गई कर देनदारी को लेकर बीच का रास्ता अपनाने के लिए इसमें अपील करते हैं। अभी तक या तो सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट या सेंट्रल एक्साइज एंड सर्विस टैक्स अपीलेट ट्रिब्युनल में दायर वाद में विभाग कोई निर्णय नहीं लेता था।
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इन सभी मामलों को कॉल बुक में दर्ज किया जाता था। मगर बीते 26 दिसंबर को केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड ने एक अधिसूचना जारी करके सेटलमेंट कमीशन में दायर मामलों को भी इसी श्रेणी में रखने को कहा है।  

अधिसूचना में सभी चीफ कमिश्नर और कमिश्नरों को निर्देशित किया गया है कि यदि कोई मामला सेटलमेंट कमीशन में समझौते के लिए स्वीकार कर लिया गया है, तो ऐसे मामलों का भी निस्तारण तब तक नहीं होगा, जब तक सेटलमेंट कमीशन अपना निर्णय नहीं दे देता।

इससे उन करदाताओं को बड़ी राहत मिली है, जिनके मामले कमीशन में चल रहे हैं। अभी तक सेटलमेंट कमीशन में लंबित मामलों पर भी विभाग अपने स्तर से विभिन्न प्रकार के नोटिस या डिमांड निकालकर अपनी कार्रवाई शुरू करता रहा है।

अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि कमीशन के निर्णय के पूर्व कर निर्धारण अधिकारी तभी हस्तक्षेप करेगा, जब कमीशन इसके लिए कहेगा। अगर कमीशन के स्तर पर ही निर्णय हो जाता है तो विभाग कोई कार्रवाई नहीं करेगा।


जानकार की राय

यह निर्णय स्वागत योग्य है। इससे बड़ी संख्या में उत्पाद शुल्क एवं सेवा कर के दायरे में आने वालों को लाभ मिलेगा। अब कमीशन में जाने वालों से जुड़े मामलों को भी कॉल बुक में दर्ज किया जाएगा।
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- धर्मेंद्र श्रीवास्तव, सीए, सेवाकर एवं उत्पाद शुल्क सलाहकार
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