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गजनेर के पीसीएफ केंद्र में उमड़ी किसानों की भीड़, चार घंटे में ही बिक गई 500 बोरी डीएपी

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गजनेर के पीसीएफ केंद्र के बाहर मौजूद किसानों की भीड़। (संवाद) - फोटो : AKBARPUR
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सरवनखेड़ा (कानपुर देहात)। राई की बुआई के मौसम में पहली बार गजनेर के पीसीएफ केंद्र में पहुंची 500 बोरी डीएपी महज चार घंटे में ही बिक गई। केंद्र पर शनिवार को खाद खरीदने के लिए किसानों भारी भीड़ जमा रही। डीएपी का स्टाक खत्म होने से बड़ी संख्या मेें किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
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जिले में राई व सरसों की बुआई की जा रही है। ऐसे में डीएपी की जरूरत पड़ रही है, लेकिन गजनेर के पीसीएफ केंद्र में पिछले कई दिनों से खाद का टोटा चल रहा था। जिससे किसान परेशान चल रहे। इसी बात का फायदा उठाकर प्राइवेट दुकानदारों ने महंगे दामों में डीएपी बेचना शुरू कर दिया।
किसान पीसीएफ केंद्र में खाद आने का इंतजार कर रहे थे। अमर उजाला ने किसानों की समस्या को आठ सितंबर को प्रमुखता से उठाया था। शनिवार को पीसीएफ केंद्र में 500 बोरी डीएपी पहुंची। इसकी जानकारी मिलते ही सैंथा, मूसेपुर, गजनेर, कठेठी, सेरूवा, जोधेपुर, भदेसा, मुर्रा, पियासी सहित आसपास गांवों के किसानों की भारी भीड़ केंद्र के बाहर जमा हो गई।
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ई-पॉस मशीन में अंगूठा लगवाकर किसानों को क्रमबद्ध नाम लिखकर खाद का वितरण शुरू किया गया। इस दौरान किसानों ने एक से पांच बोरी तक खाद ली। सुबह 10 बजे वितरण शुरू होने के महज 4 घंटे मेें ही 500 बोरी डीएपी बिक गई। जिसके कारण पीछे कतार में खड़े किसानों को खाद नहीं मिल सकी और उन्हेें मायूस होकर लौटना पड़ा।
सैंथा गांव के किसान जगन्नाथ यादव, सेरूवा के कमलेश पासवान, गंगागंज गांव के पप्पू बाजपेयी आदि ने बताया कि स्टॉक खत्म हो जाने से डीएपी नहीं मिल सकी। समय पर खाद न मिली तो फसल की बुआई पिछड़ जाएगी। किसानों ने केंद्र में खाद मंगवाने की मांग की है।
पीसीएफ केंद्र पर 500 बोरी डीएपी आई थी। जिसका वितरण करा दिया गया। खाद की अधिक मांग के चलते फिर से डिमांड की गई है। जल्द ही केंद्र में खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी। - मुकेश कुमार, पीसीएफ केंद्र प्रभारी
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