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बाढ़ में डूबी फसल, सदमे में किसान ने दे दी जान

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राजपुर (कानपुर देहात)। पिचौरा गांव निवासी एक किसान की तीन बीघा फसल यमुना में आई बाढ़ से डूब गई। इससे दुखी किसान ने शनिवार को खलिहान में लगे पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस को परिजनों ने बताया कि फसल खराब होने से किसान सदमे में था।
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राजपुर थाना क्षेत्र के पिचौरा गांव निवासी रामआसरे उर्फ राकेश (45) बलकट (ठेके पर) पर खेत लेकर खेती किसानी करता था। वर्तमान में उसने तीन बीघा खेत बलकट पर लेकर परवल की फसल तैयार की थी। यमुना नदी में आई बाढ़ से पूरी फसल पानी में डूब गई। इससे वह सदमे में था। शनिवार को गांव के बाहर स्थित खलिहान में लगे पेड़ में उसका शव लटका दिखा।
किसानों ने मामले की जानकारी परिजनों को दी। वहीं सूचना के बाद एसआई नसीम खां पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को नीचे उतारा। पत्नी सुनीता ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि बाढ़ से फसल डूबने से पति सदमे में थे। इसी से दुखी होकर उन्होंने फांसी लगा ली।
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राकेश की मौत से पत्नी सुनीता, बेटी खुशबू, मिलन, बेटा सत्यभान उर्फ गोलू, हिमांशु का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम रमेश चंद्र यादव ने बताया कि लेखपाल विनोद यादव से जांच कर रिपोर्ट मांगी गई है।
अकैसे पीले होंगे बेटी के हाथ
राकेश की मौत के बाद पत्नी सुनीता बदहवास हो गई। उस पर अब बड़ी बेटी की शादी व बच्चों के पालन पोषण का जिम्मा आ गया है। घर पर पहुंचे ग्रामीण चर्चा करते रहे कि बाढ़ से फसल बर्बाद हो गई। जिसके सदमे में राकेश ने आत्महत्या कर ली। अब बेटी के हाथ कैसे पीले होंगे और बच्चों का भरण पोषण कैसे होगा।। (संवाद)
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