शिवराजपुर (कानपुर)। शुक्रवार की सुबह कुख्यात अपराधी विकास दुबे के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की सूचना मिलते ही लोगों ने राहत की सांस ली। पुलिस अधिकारियों व संभ्रांत लोगों ने कस्बे में शांति मार्च निकाला। इस दौरान शिवराजपुर थाने के एसओ रहे शहीद महेश यादव जिंदाबाद और महेश यादव अमर रहे का उद्घोष किया।
दो जुलाई की रात चौबेपुर कस्बे के बिकरू गांव में कुख्यात विकास दुबे से मुठभेड़ के दौरान शिवराजपुर थानाध्यक्ष महेश यादव और चौकी इंचार्ज नेबू लाल शहीद हो गए थे। इस दौरान थाने का एक होमगार्ड भी गंभीर रूप से घायल हो गया था। पूरे घटनाक्रम में कुख्यात विकास दुबे का नाम सुर्खियों में आया था। तभी से लगातार एसटीएफ और पुलिस की टीमें अपराधी विकास दुबे की तलाश में थे।
शुक्रवार को उज्जैन से कानपुर लाते समय पुलिस ने कुख्यात विकास दुबे को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। कस्बे में सूचना लगते ही खुशी की लहर दौड़ गई। थाना पुलिस के अफसरों के अलावा कस्बे के लोगों ने एसओ महेश यादव अमर रहे के नारों के साथ कस्बे में भ्रमण किया व श्रद्धांजलि सभा की। इस मौके पर थानाध्यक्ष शेषमणि पांडे, दरोगा अमित शर्मा व कस्बे के प्रबुद्ध लोग मौजूद रहे।
बिल्हौर सीओ कार्यालय में तैनात सिपाहियों में डर के साथ खुशी
बिकरू कांड में शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा के बिल्हौर स्थित कार्यालय में तैनात सिपाहियों को जब विकास दुबे की मौत की सूचना मिली, तब वह भी खुश हुए। बीते दिनों लखनऊ आईजी लक्ष्मी सिंह की जांच के घेर में आए कुछ सिपाहियों के बीते कई वर्षों से सीओ कार्यालय में टिके होने और चौबेपुर के कुछ सिपाहियों व विकास दुबे के गुर्गों के संपर्क होने की आशंका पर कार्रवाई का अंदेशा भी है। वहीं, दिनभर चाय की दुकानों पर कुख्यात विकास दुबे के कारनामों की चर्चा करते रहे।