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गोदाम का ताला तोड़कर 21 लाख रुपये की दवाएं चोरी

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बारा गांव में चोरी के बाद बिखरा सामान दिखाता दुकान मालिक। - फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के बारा गांव में बुधवार की रात दवा गोदाम का ताला तोड़कर चोर करीब 21 लाख रुपये की दवाएं चोरी कर ले गए। गुरुवार की सुबह गोदाम का ताला टूटा पड़ा देखकर लोगों ने दवा व्यापारी को सूचना दी। सीओ, इंस्पेक्टर डाग स्क्वायड लेकर पहुंचे। पुलिस ने मामले में छानबीन शुरू की है। फिलहाल चोरों का सुराग नहीं लगा है। देरशाम मामले में अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की गई।
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कस्बे के बारा गांव निवासी मोहम्मद नासिर दवा का थोक कारोबार करते हैं। गांव के बाहर हाईवे के पास दवा गोदाम है। बड़े पैमाने पर दवा का स्टॉक रखते हैं। नासिर ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में उनकी दवा कंपनी है। उसका गोदाम यहां बना रखा है। बुधवार की शाम दवा गोदाम से भाई मुख्तार निजामी रोज की तरह ताला बंद करके घर चला गया था। गुरुवार सुबह लोगों ने गोदाम का ताला टूटा देखा तो घटना की जानकारी दी। नासिर ने बताया कि चोर लोडर लेकर आए थे। उसमें कास्मेटिक क्रीम, मेडीकेटेड साबुन, 90 पेटी अन्य दवाइयां, लैपटॉप, प्रिंटर चोरी कर ले गए। इसकी कीमत करीब 21 लाख रुपये है।
कुछ दवाएं पास में ही झाड़ियों में पड़ी मिली। घटना की जानकारी पर सीओ संदीप सिंह, इंस्पेक्टर तुलसीराम पांडेय, बारा चौकी इंचार्ज विकल्प चतुर्वेदी पहुंचे। डॉग स्क्वायड बुलाकर चोरों का सुराग लगाने की कोशिश की गई। दवा व्यापारी ने तहरीर दी है।
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इंस्पेक्टर तुलसीराम पांडेय ने बताया कि तहरीर मिली है रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
न लगे थे सीसीटीवी न था चौकीदार
दवा व्यापारी ने 21 लाख रुपये की दवाएं चोरी होने की तहरीर दी है। गोदाम में लाखों की दवाएं रखने के बावजूद वहां न तो सीसीटीवी लगाया था और न कोई चौकीदार रखा था। गांव के बाहर कोल्ड स्टोरेज के सामने दवा गोदाम है। वहां सूनसान रहता है। निगरानी के लिए चौकीदार न रखने से दवा व्यापारी की लापरवाही सामने आई। वहीं, दवाएं चोरी होने पर मेडिकल के किसी जानकार के शामिल होने का पुलिस को शक है। गांव में कुछ लोग घटना को संदिग्ध बता रहे हैं।
चौकी के पास हुई चोरी की घटना, नहीं लगी भनक
बारा चौकी से चार सौ मीटर दूर दवा गोदाम में चोरी होने पर पुलिस के गश्त की पोल खुल गई। चोरों को पुलिस का खौफ नहीं रहा। गोदाम के बाहर लोडर के पहियों के निशान बने हैं। इससे यह साफ है कि चोर वाहन लेकर आए थे और चोरी का प्लान पहले बना चुके थे। 90 पेटी दवा लादने में काफी समय लगा होगा। पुलिस गश्त के जवान वहां से नहीं निकले। यदि पुलिस गश्त कर रही होती तो शायद नजर पड़ जाती। बता दें जहां गोदाम बना है वहां कोई मार्केट नहीं है। जानकारी दवा व्यापार से जुड़े लोगों को ही थी। पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।
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